अयोध्या। वित्तीय साल के तीन महीने बीत गए, लेकिन जिला योजना अब तक फाइनल नहीं हो पाई है। इसका कारण अब तक जिले के प्रभारी मंत्री का न होना है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिले के लिए जिला योजना की धनराशि 40 अरब 46 लाख रखी गई है।
जिला योजना के तहत के कराए जाने वाले कार्यों की शुरूआत नए वित्तीय वर्ष के साथ ही मानी जाती है। इसीलिए वित्तीय वर्ष की समाप्त होने से पहले ही दिसंबर-जनवरी में ही नए वित्तीय वर्ष की जिला योजना को तैयार किए जाने के निर्देश जारी कर दिए जाते हैं।
व्यवस्था यह है कि जिला योजना में सभी विभागों के साथ ही नगर पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, जिला पंचायत से अगले वित्तीय वर्ष में कराए जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव मांगे जाते हैं। इनका एकत्रीकरण किया जाता है।
फिर निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक कटौती करके इनको तैयार किया जाता है। जिला योजना को अंतिम रूप देने के लिए जिला योजना समिति की बैठक की जाती है। इसकी अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री करते हैं।
पिछले कई वर्षों से ऐसा ही होता रहा है। इस बैठक में विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित कार्यों के साथ ही बजट को लेकर चर्चा किए जाने की व्यवस्था है। समिति जिले के बेहतर विकास के लिए विभाग व पंचायतों के लिए प्रस्ताव को अंतिम रूप देती है।
जिला योजना में केंद्र और राज्य सेक्टर की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को भी शामिल किया जाता है। जिला योजना समिति की बैठक के बाद इसे अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाता है।
इसके बाद धन आवंटन के साथ प्रस्तावित कार्य किए जाते हैं। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जिला योजना की तैयारी लगभग पूरी है। प्रभारी मंत्री न होने से फिलहाल बैठक नहीं हो पाई है। न ही अब तक शासन से कोई निर्देश ही प्राप्त हुआ है।