शनिवार को सोहावल के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर राशन कार्ड धारकों को दिया जा रहा समाजवादी लिखा नमक।
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प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद भी समाजवादी नमक से समाजवादी शब्द नहीं हटाया गया और कोटेदार इस नमक का वितरण कर रहे हैं। अब तक 1662.80 कुंतल समाजवादी नमक बेचा जा चुका है और राशन कार्ड धारक इसे गले लेने को मजबूर हैं।
62 ग्राम पंचायतों वाले ब्लॉक सोहावल में करीब 76 सस्ते गल्ले की दुकानें हैं। निजाम बदलने के बावजूद सोहावल के राशन कार्ड धारकों को अभी तक समाजवादी नमक धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। इसे लेने पर कोटेदार राशन देने से ही इंकार करते हैं।
नमक की कीमत सब्सिडी छोड़कर तीन से छह रुपये के बीच है लेकिन क्वालिटी को लेकर ग्रामीण उपभोक्ता संतुष्ट नहीं हैं। पंडितपुर निवासी राजनाथ पांडेय, घनश्याम मिश्र, तहसीनपुर सुरेंद्र नाथ कहते है लोग इसे पशुओं को खिला रहे या फिर फेंक रहे।
क्षेत्रीय आपूर्ति निरीक्षक भरत पांडेय ने बताया कि शासन का निर्देश है कि नमक के पैकेट पर लिखे समाजवादी शब्द को मिटाकर दिया जाए लेकिन कुछ कोटेदारों ने ऐसा करने में कोताही की है। एमआई निरंकार सिंह की माने तो तीन महीनों का स्टॉक 1662.80 कुंतल समाजवादी नमक अप्रैल में ही वितरण के लिए कोटेदारों को दिया गया है।