अयोध्या। कानपुर निवासी उर्मिला गुप्ता (79) देहदान कर अमर हो गईं। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप परिवारीजनों ने मृत्यु के उपरांत राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में उनका पार्थिव शरीर दान दिया। कानपुर की युग दधीचि देहदान संस्थान की ओर से यह देहदान हुआ। इस संस्थान के प्रयास से मेडिकल कॉलेज में यह तीसरा देहदान है।
कानपुर के जेके कॉलोनी निवासी दंपती मनोज सेंगर व माधवी सेंगर ने मेडिकल साइंस में छात्र-छात्राओं के अध्ययन में सहायता के लिए 2003 से अभियान चलाया है। उन्होंने अब तक 225 देहदान करने का दावा किया है।
अपनी इसी मुहिम के तहत उन्होंने कानपुर के एचएएल टाउनशिप निवासी उर्मिला गुप्ता को प्रेरित किया था। जिन्होंने वर्ष 2010 में इस अभियान से प्रेरित होकर देहदान करने के लिए शपथ पत्र भरा था। उर्मिला गुप्ता का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। इस पर उनके पुत्र आदित्य कुमार ने कानपुर में विधिवत पूजन-अर्चन करने के बाद उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज के लिए संस्था को सौंप दिया।
जिसे सेंगर दंपती ने शुक्रवार शाम करीब चार बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज में शव पहुंचने पर एनाटॉमी विभाग प्रमुख डॉ अल्का सिंह ने अपने साथियों के साथ पुष्पवर्षा कर उर्मिला की देह को स्वीकार किया।
मनोज सेंगर ने बताया कि उर्मिला के पति डॉ वंश गोपाल गुप्ता का भी देहदान वर्ष 2016 में कानपुर मेडिकल कॉलेज में कराया गया था, दोनों ने एक साथ ही देहदान का संकल्प लिया था।