अयोध्या। राममंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को शुरू हुई। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र रविवार सुबह नौ बजे रामजन्म भूमि परिसर पहुंचे और मंदिर निर्माण का कार्य देखा।
इसके बाद इंजीनियरों व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ एलएंडटी के ऑफिस में बैठक की। बैठक में मंदिर निर्माण के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने का काम भी तेज करने का प्लान बना।
ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि परिसर में जल्द ही भक्तों को अपना सामान रखने की सुविधा मिलने लगेगी। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सबसे पहले निर्माणाधीन गर्भगृह स्थल का निरीक्षण किया।
इंजीनियरों ने उन्हें बताया कि गर्भगृह का करीब 15 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। करीब 500 पत्थर गर्भगृह में अब तक बिछाए जा चुके हैं। एलएंडटी के कार्यालय में इंजीनियरों ने नृपेंद्र मिश्र व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के समक्ष अब तक हुए कार्यों का विवरण प्रजेंटेशन के जरिए दिया।
ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि बैठक में अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की गई साथ ही भावी योजनाओं का प्लान तैयार किया गया है। बैठक में बारिश से प्रभावित हुए सुरक्षा दीवार के काम की गति बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई।
राममंदिर के गर्भगृह का निर्माण कार्य तय समय सीमा दिसंबर 2023 तक पूरा हो सके इसके लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाने पर भी मंथन किया गया है। अभी रामजन्मभूमि परिसर में करीब 500 मजूदर/इंजीनियर मंदिर को आकार देने में जुटे हैं।
डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि रामजन्मभूमि परिसर में सबसे पहले भक्तों के सामान आदि रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए दर्शन मार्ग पर चेकिंग प्वॉइंट बनाया जाएगा। जहां भक्तों के सामान की जांच की जाएगी।
इसके बाद अमानती घर में सुरक्षित रखा जाएगा। निकट भविष्य में जूता-चप्पल रखने की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा राममंदिर के चारों दिशाओं में एक किमी. तक बनने वाले परकोटा का काम भी जल्द शुरू करने को लेकर रणनीति बनी है। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि सहित कार्यदाई संस्था ट्रस्ट, एलएंडटी व टाटा के इंजीनियर शामिल रहे।