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Ayodhya News: अयोध्या दर्शन की चाह... रेलवे ने रोकी राह

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अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की अयोध्या दर्शन की चाह पूरी नहीं हो पा रही है। रेल पटरियों के दोहरीकरण व अन्य कार्यों की वजह से रेलवे ने यात्रियों की राह रोक दी है। इस रूट से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनें निरस्त हैं। या उनका रूट बदल दिया गया है। यह डायवर्जन 15 जनवरी तक लागू रहेगा। इस वजह से अयोध्या और अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ। पिछले 15 दिन से यही स्थिति बनी हुई है। अगले एक महीने तक यही स्थिति रहने वाली है।
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22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा है। इसमें योगदान के लिए व समारोह में शिरकत करने के लिए देश के कोने कोने से लोग यहां पहुंचेंगे।दोहरीकरण का कार्य समय पर पूरा न हुआ तो रेलवे श्रद्धालुओं के सामने समस्या खड़ी कर सकता है। ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि परेशानी से बचने के लिए आमंत्रित श्रद्धालु दो दिन पहले ही यहां डेरा जमा लें। अब 15 जनवरी के बाद स्पष्ट होगा कि ट्रेनों की स्थिति क्या रहेगी? रेलवे के अधिकारियों का दावा है कि शेष कार्य दिसंबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

बाराबंकी-अयोध्या-जौनपुर रेलमार्ग पर आठ माह से परेशानी
बाराबंकी-अयोध्या-जौनपुर रेलखंड के 237.65 किमी में से 140.37 किमी रेलमार्ग का दोहरीकरण हो चुका है। यह रेल मार्ग बीते आठ माह से समय-समय पर बाधित होता रहा है। वर्तमान में 17 दिसंबर तक 10 ट्रेनें निरस्त हैं। 16 ट्रेनों का रूट बदला गया है। इसी तरह बाराबंकी जंक्शन पर यार्ड रीमॉडलिंग कार्य की वजह से 15 जनवरी तक कई ट्रेनों के रूट बदले हैं। कुछ निरस्त कर दी गई हैं। रूट बदलने वाली ट्रेनों में सियालदह, किसान, फरक्का, दून, कामाख्या-गांधी धाम शामिल हैं। वंदेभारत ट्रेन के रूट को भी कुछ दिनों के लिए बदला गया है। इसके चलते दूरदराज से अयोध्या आने वाले व यहां से कहीं जाने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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जनरल जैसी हो गई एसी बोगियों की दशा
ट्रेनों के रूट डायवर्जन और निरस्त होने की वजह से बची ट्रेनों में यात्रा करना यात्रियों के लिए मुसीबत भरा हो गया है। एसी श्रेणी के कोच की दशा जनरल जैसी हो गई है। स्लीपर कोच में तीन गुणा यात्री यात्रा कर रहे हैं। बड़ी संख्या में यात्री टिकट वापस कराकर लौट रहे हैं। कुछ बस्ती, गोंडा, सुल्तानपुर, लखनऊ आदि जगहों से ट्रेन पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
शुक्रवार को अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर मिले अयोध्या निवासी रामदत्त गोस्वामी परेशान दिखे। बताया कि प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेने के लिए बिहार जाना है, लेकिन यहां कोई ट्रेन ही नहीं है। वेबसाइट पर सर्च किया तो मनकापुर गोंडा से ट्रेन मिलने की संभावना नजर आई। अब मजबूरी में वहीं जा रहे हैं। प्लेटफार्म पर बैठे अंबेडकरनगर निवासी शिशिर व अरुण वर्मा ने बताया कि दोनों को रामपुर जाना है। दो दिन से लौट रहे हैं। पता चला कि अयोध्या कैंट से दिल्ली वाली ट्रेन शाम पांच बजे जाएगी। सुबह से स्टेशन पर बैठकर शाम होने का इंतजार कर रहे हैं। जो ट्रेने चल रही हैं, उनका बुरा हाल है। चढ़ पाना भी मुश्किल है।
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