अयोध्या। संत धर्माचार्यों ने अधिग्रहीत श्रीराम जन्मभूमि परिसर में 27 अक्तूबर को दीपक जलाने की अनुमति अभी तक न मिलने पर कहा कि श्रीराम भक्तों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान न होना दुखद है।
इसलिए रामभक्त अब दीपावली को श्रीराम जन्मभूमि की ओर मुखकर श्रीराम जन्मभूमि से सटे प्रत्येक मठ-मंदिरों, घरों और मंदिर निर्माण कार्यशाला में लाखों की संख्या में दीपक जलाकर प्रभु श्रीराम लला को अपनी श्रद्धा निवेदित करेंगे।
मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि दो वर्षों से योगी सरकार दीपक जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना रही है।
उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि परिसर मे भी श्रद्धारूपी दीपक जले, इसको लेकर परिसर के रिसीवर से विगत दिनों संतों के प्रतिनिधि मंडल ने भेंटकर अपनी भावनाओं से अवगत कराया और लेकिन अभी तक कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। इसलिए अब संतों ने संपूर्ण रामजन्मभूमि क्षेत्र में दीपक जलाने का निर्णय किया है।
अयोध्या संत समिति अध्यक्ष सनकादिक आश्रम पीठाधीश्वर महंत कन्हैया दास ने कहा कि जिस प्रभु के अवध आगमन पर आज संपूर्ण विश्व अपनी परंपराओं का निर्वहन करता आ रहा हो उन्हीं की जन्मभूमि पर दीपक जलाने की अनुमति न्यायालय से मांगनी पड़े इससे बड़ा श्रीराम भक्तों का दुर्भाग्य क्या हो सकता है।
सिद्ध पीठ हनुमान गढ़ी के पुजारी पार्षद रमेश दास ने कहा श्रीराम जन्मभूमि सत्य और सनातन परंपराओं की पहचान है। दीपक रामकोट की परिधि में जन-जन के द्वारा जले इसके लिए हरसंभव प्रयास होगा।
विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने संतों की भावनाओं को सर्वोपरि बताया। रामकोट क्षेत्र में दीपक जलाने हेतु संतों के आह्वान से हम सभी बंधे है। एक दिन पूर्व प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम में हम सभी सहभागी बने तो 27 अक्तूबर को दीपक जलाकर कर पूज्य संतों के निर्णय को आत्मसात करते हुये श्रीराम लला को अपनी श्रद्धा निवेदित करें।