फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामनगरी का स्वर्गद्वार घोषित होगा हेरिटेज स्थल, शासन ने मांगा प्रस्ताव

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। अयोध्या का स्वर्गद्वार क्षेत्र आस्था का केंद्र है। स्वर्गद्वार क्षेत्र को हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। प्रमुख सचिव, पर्यटन व संस्कृति जितेंद्र कुमार ने इसका प्रस्ताव संस्कृति विभाग से मांगा है।
विज्ञापन

अयोध्या को हेरिटेज घोषित करने में अयोध्या के दस आध्यात्मिक ऊर्जा स्थलों में यूनेस्को से आई टीम ने नागेश्वरनाथ मंदिर के आसपास के स्थल को चिह्नित किया गया था। दिवाली की पूर्व संध्या पर यहां से हेरिटेज यात्रा भी निकलती है।
नागेश्वरनाथ मंदिर को लेकर मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान राम के पुत्र कुश ने की थी। कहा जाता है कि सर्वप्रथम प्राचीन अयोध्या का जीर्णोद्धार महाराज कुश ने ही किया था।
विज्ञापन

मान्यता है कि एक बार सरयू नदी में विहार करते हुए कुश की अंगूठी पानी में गिर गई जो एक नाग कन्या को मिली। महाराज कुश ने अंगूठी लौटाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया।
इस पर कुश नाराज हो गए। नागकन्या के पिता ने कुश के कोप से बचने के लिए भगवान शिव की प्रार्थना की। वह प्रकट हुए और कुश को शांत कराया साथ ही नागकन्या का विवाह भी उनसे करा दिया।
इसके उपरांत महाराज कुश ने भगवान शिव से यहीं बसने की प्रार्थना की। इनकी प्रार्थना पर भगवान शिवलिंग रूप में स्थापित हुए। महाराज कुश ने उनका पूजन कर मंदिर का निर्माण कराया।
स्वर्गद्वार में ही कालेराम मंदिर, चंद्रहरि महादेव मंदिर, शेषावतार मंदिर, सहस्रधारा घाट, सरयू मंदिर, हनुमत सदन, हनुमत निवास सहित अन्य सिद्धस्थान हैं जो कि पौराणिक एवं रामायणकालीन माने जाते हैं। अब रामनगरी के इस क्षेत्र को हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति द्वारा संस्कृति विभाग से इसके लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें