ग्राम पंचायत चुनाव के चौथे व अंतिम चरण के लिए बीकापुर व तारुन में शुक्रवार को नामांकन शुरू हो गया है। पहले दिन प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी।
इसको संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तारुन में तो पुलिस ने कई मार्गों पर बैरीकेडिंग कर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था। जिससे लोगों को तमाम परेशानी हुई।
बीकापुर ब्लॉक मुख्यालय पर शुक्रवार सुबह आठ बजे से नामांकन करने पहुंचे प्रत्याशियों और समर्थकों की भारी भीड़ से हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरियर लगा रखे थे।
नामांकन के लिए बैरीकेडिंग के चलते ब्लॉक पर प्रत्याशी और एक समर्थक के अलावा किसी को भी नहीं जाने दिया गया। इससे ब्लॉक के भीतर स्थिति सामान्य रही लेकिन ब्लॉक पर लोगों को बैठने और पानी के लिए कोई भी व्यवस्था न होने से परेशानी रही।
बाजार में दिन भर चाय पान की दुकान और तहसील में मेले जैसा दृश्य रहा। शुक्रवार का दिन होने से प्रधान और सदस्य के लिए 70 फीसदी लोगों ने नामांकन कर दिया है।
रिटर्निंग अधिकारी पारसनाथ ने बताया की 11 न्याय पंचायतों के लिए अलग-अलग काउंटर पर नामांकन करवाया गया है। नामांकन के पहले दिन ही प्रधान प्रत्याशी लग्जरी वाहनों से नामांकन करने पहुंचे।
इससे यहां आदर्श आचार संहिता की धाज्जियां भी खूब उड़ी। उधर, तारुन में नामांकन के पहले दिन बाजार के मार्ग को रोककर पुलिस का पहरा बिठा दिया गया था।
तारुन चौराहे पर बैरियर लगाकर बैठे पुलिस कर्मी आने-जाने वाले लोगों को अपमानित करने से नहीं चूके। यहां तक कि थाना व चौराहे के बीच में जिन लोगों के मकान दुकान थे, उन्हें भी अंदर नहीं आने दिया गया।
ब्लॉक कर्मियों व शिक्षकों से पुलिस ने धक्का-मुक्की की। लोगों का कहना था कि गयासपुर चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह की ड्यूटी चौराहे पर लगी थी जिन्होंने कई लोगों से अभद्रता भी की।
इस कार्य प्रणाली की से तारुन चौराहे पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस की वजह से शिक्षक अशोक यादव सहित कई अन्य लोग समय से विद्यालय नहीं जा पाए।
पुलिस ने चौराहे से नहरीपुर, यादवपुर की तरफ संकरी गली की तरफ रूट डायवर्जन कर दिया था जिसमें चार पहिया वाहनों के आने-जाने में दिक्कतें हुई।