शहर के सीमांत इलाके कैंट थानाक्षेत्र के आरटीओ ऑफिस के पास मझवा गद्दोपुर में आबाद हो रही एक नई कॉलोनी में बुधवार की रात डेढ़ बजे नकाबपोश कच्छा पहने बदमाशों ने धावा बोल दिया। तीन दरवाजे तोड़ भीतर पहुंचे हथियारबंद बदमाशों का मोर्चेंबंदी कर बैठे रिटायर्ड फौजी व उसके परिवार से लगभग पौन घंटा संघर्ष हुआ।
बदमाशों ने रिटायर्ड फौजी को गोली मार जान लेने की कोशिश भी की। हालांकि गोली पास से गुजर गई, लेकिन सरिया और डंडे के प्रहार से फौजी समेत उनकी मां, पत्नी और बेटे घायल हुए हैं, इसमें तीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताते हैं कि कंट्रोल रूम को सूचना के बाद आई पुलिस की आहट देख लूटपाट करते हुए बदमाश मौके से भाग निकले। पुलिस ने अज्ञात करीब 8 बदमाशों के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर पड़ोसी को हिरासत में ले पूछताछ शुरू कर दी है।
मूल रूप से जिले के मिल्कीपुर तहसील स्थित इनायतनगर थाना क्षेत्र के मलेथू खुर्द निवासी रिटायर फौजी राकेश कुमार सिंह (38) पुत्र समरजीत सिंह ने शहर के सीमांत इलाके कैंट थानाक्षेत्र के मझवा गद्दोपुर गांव में विकसित हो रही प्राइवेट कॉलोनी नारायणनगर में परिवार समेत रहते हैं।
जिला अस्पताल में भर्ती रिटायर्ड फौजी राकेश सिंह ने बताया कि बुधवार की रात लगभग डेढ़ बजे कुछ लोग दीवार फांदकर घर में कूदे तो आहट पर वह जाग गए। परिवार के लोगों को घर के पिछले कमरे में एकत्रित कर सभी ने दरवाजा बंद कर लिया।
बदमाशों ने वजनी चीज के प्रहार कर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम व अपने भाई व अन्य को फोन कर दिया। तीनों दरवाजे तोड़ लोहे की सरिया, डंडा व तमंचा लिए आठ की संख्या में केवल कच्छा पहले नकाबपोश बदमाश कमरे में पहुंचे तो मोर्चेबंदी कर बैठे उनके परिवार ने हमला बोल दिया।
उन्होंने एक बदमाश को पकड़ लिया और उसके जंघे में दांत से काट लिया। बदमाश ने उनपर हमला बोल दिया। उनकी पत्नी सुमन (35) ने बेटे शुभांगम (16) की मदद से लोेहे की रॉड से बदमाश पर हमला बोला। एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया।
हालांकि बदमाश व उसके साथी ने बेटे के सिर पर प्रहार कर सिर फोड़ दिया और पत्नी की पिटाई की। इसी बीच पुलिस सायरन की आवाज सुन बदमाशों ने पत्नी के गले की चेन, कान की बाली व अंगूठी और उनकी मां सत्यवती (70) के कान का झाला व मंगलसूत्र नोच लिया व जबड़ा तोड़ दिया। घर में सामानों की जमकर तोड़फोड़ भी की। इसके बाद पड़ोसी की छत के रास्ते भाग निकले।
घर में रखी बच्चों की दो रेंजर साइकलि भी गायब मिली है। पुलिस ने रिटायर फौजी, बेटे व मां को रात में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तहरीर पुलिस को दी गई है। वारदात के बाबत कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक शैंलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि फौजी की तहरीर पर सात-आठ नकाबपोश बदमाशों के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज कर पड़ताल कराई जा रही है।
फौजी का अपने पड़ोसी प्रमोद निषाद से विवाद चल रहा था। पुलिस ने पड़ोसी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सभी पहलुओं की पड़ताल कराई जा रही है। जानकारी पर सीओ सिटी के साथ उन्होंने मौका-मुआयना किया है।
आंतकवादियों से लोहा लेने में फौजी गंवा चुका है दोनों पैर
जनपद के इनायतनगर थाने के हैरिंग्टनगंज चौकी क्षेत्र स्थित मलेथू खुर्द निवासी राकेश कुमार सिंह सेना में नायक पर पर तैनात था। जम्मू-काश्मीर में तैनाती के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए उसके साथी शहीद हो गये और वह अकेले जीवित बच गया।
हालांकि गोलियों की बौछार से उसके दोनों पैर खराब हो गए और वह पैरालाइसिस का शिकार हो गया। वाकया लगभग एक दशक पहले का कहा। जिसके चलते उसको सेना से रिटायर कर दिया गया और पहले किराये का कमरा लेकर रहते थे और अब कैंट थाना क्षेत्र के मझवा गद्दोपुर में अपना मकान बनवा रह रहे हैं।
बदमाश लूटते रहे, पुलिस हूटर घूमती रही
फौजी जवान ने अनहोनी की आशंका भांप संघर्ष शुरू होने से पहले ही पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर बदमाशों के बारे में सूचना दे दी थी, अपने शिक्षामित्र संघ नेता भाई दिनेश सिंह को भी जानकारी दे दी।
सूचना के बाद पुलिस हरकत में आई और घटनास्थल के लिए रवाना हुई, हालांकि तब तक फौजी परिवार व बदमाशों के बीच संघर्ष शुरू हो जाने के चलते पुलिस लोकेशन क्लीयर नहीं कर सकी और हूटर बजाते हुए पुलिस की गाड़ियां आरटीओ ऑफिस के आगे-पीछे चक्कर काटती रहीं।
वह तो फौजी के भाई दिनेश की सूचना पर मौके को रवाना हुए लोगों ने पुलिस को सही लोकेशन पर पहुंचाया। हालांकि इस बीच एक घंटे बीत गए और नकाबपोश बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद पड़ोसी प्रमोद निषाद मूल निवासी थाना भीटी जिला अंबेडकरनगर के रास्ते भाग निकले।
पड़ोसी से दीवार को लेकर हुआ था विवाद
डकैती कांड के पीड़ित फौजी परिवार की किसी से कोई विवाद अथवा रंजिश सामने नहीं आई है। अलबत्ता उसका अपने पड़ोसी प्रमोद निषाद से दीवार निर्माण को लेकर विवाद हुआ था। रिटायर्ड फौजी राकेश ने चार इंच की दीवार खड़ी की थी।
इसी दीवार पर पड़ोसी ने छत डाल ली थी। जबकि फौजी राकेश का कहना था कि पड़ोसी कम से कम दो इंच की दीवार अपने हिस्से में खड़ीकर छत डाले। फौजी का कुछ दिनों पूर्व ऑपरेशन हुआ था, जिसके चलते उसकी मां गांव से बेटे को देखने आई थीं। वहीं शिक्षामित्र भाई का परिवार गर्मी की छुट्टी होने के चलते पैतृक गांव गया हुआ है।
शिक्षामित्र संगठन पदाधिकारयों का रहा जमावड़ा
शिक्षा मित्र संघ के हैरिंग्टनगंज ब्लाक अध्यक्ष दिनेश सिंह के परिवार में हुई डकैती की खबर पर देर रात से ही संघ के पदाधिकारी सक्रिय हो गए। व्यापारियों के साथ शिक्षामित्रों का जिला अस्पताल में जमावड़ा रहा। शिक्षा मित्र संघ के अवनीश सिंह, अनुज सिंह, अनूप द्विवेदी, धर्मपाल यादव, अंजनी भारती समेत अन्य ने पुलिस प्रशासन से 24 घंटे में घटना के खुलासे की मांग की है। ऐसा न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।