फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झारखंड में मिला हाईवे पर कार में ‘जिंदा जला’ पोस्टमास्टर

Thu, 20 Apr 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब एक साल होने को है, जब एक कार में जिले में तैनात पोस्टमास्टर हरिशंकर सिंह के जिंदा जलने का दावा किया गया था। मामले में हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी थी, लेकिन अब वह किसी फिल्मी कहानी की तरह झारखंड में जिंदा मिला है।
विज्ञापन


पुलिस परिवार के फोन को सर्विलांस के जरिए टटोल रही थी, जिससे यह सफलता मिली। पोस्टमास्टर को झारखंड से लाने के लिए जिला पुलिस की टीम वहां पहुंच गई है। इसी के साथ सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर गाड़ी में मिला जला हुआ कंकाल किसका था? 

यह वही पोस्टमास्टर है जिसकी जली हुई लाश 12 मई 2016 को कैंट थानाक्षेत्र में लखनऊ हाईवे पर मुमताजनगर पुल के पास भोर में उसी के कार की पिछली सीट पर बरामद होने का दावा किया गया था। शव कंकाल में बदल चुका था और जल रही गाड़ी को फायर दस्ते ने बुझाया था।
विज्ञापन


बाद में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। हादसे के दिन कार के नंबर से हुई जांच में नरकंकाल की पहचान नगर के उसरु स्थित शारदा कॉलोनी निवासी हरिशंकर सिंह के रूप में होने का दावा किया गया था। हरिशंकर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित पोस्टऑफिस की मोदहा शाखा में बतौर पोस्टमास्टर तैनात थे।

उनकी कार कौन ड्राइव कर रहा था? उसमें कौन-कौन सवार थे? इसका कोई सुराग नहीं लगा था। पुलिस की जांच और मौका-ए-वारदात से हत्या कर शव जलाने की बात सामने आई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के साथ गोली लगने की संभावना पर कंकाल का एक्सरे भी कराया लेकिन कोई क्लू नहीं मिला था।

परिवारीजनों की ओर से भी किसी से दुश्मनी नहीं बताई जा रही थी। मूलरूप से बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के मलिकपुर निवासी हरिशंकर सिंह (50) ने नगर कोतवाली के उसरु स्थित शारदा नगर कालोनी में अपना आवास बनवा लिया था।

पुलिस की जांच के मुताबिक मृतक की पत्नी संगीता सिंह समेत परिवारीजनों को पता चल गया था कि हरिशंकर जिंदा हैं। एसपी सिटी उदयशंकर सिंह ने बताया कि मामले में सर्विलांस की कोशिशों से सफलता तब मिली, जब पोस्टमास्टर निश्चिंत हो चुका था कि अब उसका खेल नहीं खुलेगा।

इसी दौरान परिवारीजनों से बात करने पर लोकेशन ट्रेस करके उसका झारखंड में सुराग मिला। एसपी का कहना है कि हरिशंकर की ओर से झारखंड पुलिस के सामने खुद के अपहरण व बंधक बनाकर रखने का दावा किया गया है।

झारखंड पुलिस की सूचना पर उसको लाने के लिए कैंट पुलिस गुरुवार को पहुंच गई है। उसके आते ही पूछताछ में सारा मामला साफ होगा। साथ ही कार में जले मिले कंकाल का सच भी सामने आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें