उसके पास से करीब एक किलो अफीम बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये बताई गई है। पकड़ा गया युवक हैंडलर का काम करता था, तस्करों ने उसे बरेली तक अफीम पहुंचाने के लिए 45 हजार रुपये में सौैदा किया था। हैंडलर को पांच हजार रुपये एडवांस में मिले थे।
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर रविवार सुबह आरक्षण केंद्र व सरकुलेटिंग में चेकिंग के बाद जीआरपी के प्रभारी थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह, एसआई श्यामदेव चौधरी सिपाही नीलेश कुमार, योगेंद्र कुमार, सुधीर पांडेय आदि के साथ साढ़े सात बजे के करीब प्लेटफार्म एक पर खड़ी अप सियालदह-जम्मूतवी की जनरल बोगी में घुसे। इसी बीच एक युवक बैग लेकर उतरने लगा। तो वहीं उसे पकड़ लिया गया। थाने पर लाकर बैग की तलाशी हुई तो बैग से 9.70 किग्रा. अवैध अफीम बरामद हुई।
प्रभारी थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इसकी कीमत एक करोड़ रुपये के करीब है। युवक वीरेंद्र कुमार गुप्त झारखंड के जिला व थाना चतरा के ग्राम चौरे का निवासी है। चतरा थाने से भी उसका आपराधिक मामले में चालान हो चुका है। वह हैंडलर का काम करता था। अफीम एक व्यक्ति को बरेली में देना था।
बरेली के तस्कर का नाम व मोबाइल नंबर बताया
पकड़े गए वीरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि ये उसका पहला प्रयास था। उसने माल लेने वाले बरेली के व्यक्ति का नाम व मोबाइल नंबर भी बताया है। कहा, माल पहुंचाने पर उसे 40 हजार और मिलते। पांच हजार रुपये मिल चुके है। वीरेंद्र पहली और आखिरी गलती मानते हुए छोड़ने के लिए गिड़गिड़ाता रहा। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट व दूसरी धाराओं में चालान किया है। रेलवे पुलिस अधीक्षक ने टीम को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की है।
पहले भी पकड़े जा चुके चतरा के युवक
मादक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के मामले में चतरा के दो युवकों को फैजाबाद की जीआरपी इससे पहले भी दबोच चुकी है। उसने चतरा के निवासी इस्माइल शाह को एक किलो अफीम तो भोला यादव को चरस के साथ दबोचा था।