संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय में तैनात अधिकारी के खिलाफ कैंट पुलिस ने धोखाधड़ी, दुर्व्यवहार और धमकी की रिपोर्ट दर्ज की है। नगर कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर निवासी कारोबारी राजेंद्र गौड़ का कहना है कि उन्होंने गेहूं व धान खरीद के लिए तत्कालीन क्षेत्रीय विपणन अधिकारी उमाकांत गोस्वामी से बातचीत की थी।
उनके कहने पर संभागीय खाद्य नियंत्रक विभाग को गेहूं व धान की आपूर्ति की, लेकिन उमाकांत ने उनका भुगतान नहीं कराया। वह लगातार हीलाहवाली करते रहे। विभाग से मामले की जानकारी करने पर पता चला कि समय-समय पर रकम का भुगतान किया जा चुका है।
तब पता चला कि अन्य कर्मियों आदि की मिलीभगत से उनके साथ धोखाधड़ी की गई। जिले से सुल्तानपुर ट्रांसफर के बाद भ्रष्टाचार के चलते उमाकांत गोस्वामी को निलंबित किया गया। राजेंद्र के मुताबिक, उन्हें करीब 43 लाख रुपये की चपत लगाई गई।
बकाया मांगने पर विपणन अधिकारी ने गालीगलौज करके जान-माल की धमकी दी। राजेंद्र का कहना है कि कैंट थाने में तहरीर देने पर भी रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई तो उन्होंने अफसरों से फरियाद की मगर वहां भी सुनवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। अदालत ने तथ्यों के विचारण के बाद रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश जारी किया है।
एसएसपी के पीआरओ ने बताया कि कैंट पुलिस ने अदालत के आदेश पर राजेंद्र गौड़ की शिकायत को आधार बनाते हुए तत्कालीन विपणन अधिकारी उमाकांत गोस्वामी समेत पांच लोगों के खिलाफ गेहूं व धान खरीद के नाम पर 43 लाख रुपये हड़पने और वापस मांगने पर धमकाने की रिपोर्ट दर्ज की है।