तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने प्रबंधक को हिरासत में ले लिया लेकिन कुछ देर बाद उसे छोड़ दिया। पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। शनिवार को गांव में स्थिति राजपति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में इंटर की छात्रा रागनी निषाद व हाई स्कूल की छात्रा ज्योती निषाद रोज की भांति स्कूल गई थी।
आरोप है कि पुरानी खुन्नस के चलते प्रबंधक पुष्पेंद्र निषाद ने विद्यालय बंद होने बाद दोनों बहनों को रोक लिया और कमरे में बंद कर पिटाई शुरू कर दी। पीड़ित छात्राओं के घर लौटने के बाद गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई और लोग आग बबूला हो उठे।
रविवार को पीड़ित छात्राओं की मां तहरीर लेकर थाने पहुंची और पूरी घटना बताई। पुलिस ने प्रबंधक को स्कूल से उठा लिया और थाने ले आई। इस बाबत जब थानाध्यक्ष को फोन किया गया तो उनका मोबाइल ऑफ मिला। हल्का दरोगा दीपेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि प्रबंधक पुष्पेंद्र निषाद ने अपने गलती स्वीकार कर माफी मांग ली है।
आगे ऐसी गलती न करने के आश्वासन पर उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस की इस हरकत से गांव में आक्रोश पनप रहा है। छात्राओं के उत्पीड़न के मामले में पीड़ित की तहरीर मिलने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों से घिर गई है।