किसी तरह मौका पाकर 12 मजदूरों ने भारतीय दूतावास पहुंच मंगलवार को शरण ली है। इसमें जिले के रौनाही थानाक्षेत्र का एक युवक भी है। उसने घर पर सूचना दी, तो कोहराम मच गया है।
मामले में सांसद लल्लू सिंह ने कहा है कि विदेश मंत्रालय के जिम्मेदार अफसरों से बात की जाएगी। हर हाल में भारतीयों को सकुशल लाने की प्रबंध होगा।
फैजाबाद के सारंगापुर मजरे विसौली निवासी सदाशिव गोस्वामी भी ठगी का शिकार हुआ है। उसने अपने घर भाई झुग्गी लाल गोस्वामी को फोन कर मदद मांगी। इसी के बाद बीवी ने दो मासूम बच्चे 9 वर्षीय गोलू व 6 वर्षीय बेटी ऋषि को लेकर सांसद से मदद की गुहार लगाई है।
सदाशिव ने फोन व वाट्सअप के जरिए पूरी बात बताई है। सदाशिव के अलावा दूतावास पहुंचे श्रावस्ती के भिनगा निवासी फिरोज अहमद, गुड्डू अहमद, राजकुमार वर्मा, फरीद अहमद, मैनुद्दीन, हसीब अहमद की ओर से अपने पासपोर्ट संख्या के साथ की गई शिकायत में आरोप लगाया कि मुंबई के अमित पंचाल गुजरात के इमरान ने खुद को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से त्यागपत्र देने वाला अधिकारी बता संपर्क किया।
मलेशिया में पावर गैस प्लांट में 50 हजार प्रतिमाह की नौकरी दिलाने के नाम पर एक से डेढ़ लाख रुपये वसूले। 12 अप्रैल 2015 को मलेशिया ले जाया गया, जहां बिहार, महाराष्ट्र, अहमदाबाद व यूपी के 150 लोगों को दूसरे से सौदा करके बंधक बनवा दिया।
मलेशिया में मौजूद राजकुमार वर्मा ने फोन पर बताया कि हमें जिस काम से लाया गया, उसे न कराकर ईंटों की जुड़ाई कराई जा रही है। पैसे मांगने पर मारा-पीटा जा रहा है। सारे पेपर कब्जे में ले लिए गए हैं। सभी का सौदा 20 लाख मलेशियाई करेंसी में करके दलाल फरार हो गए हैं।