सेना के एक जवान को थाना परिसर में खंभे से बाधकर बेंत से पीटने के मामले में निलंबित थानाध्यक्ष इनायतनगर दीपन यादव, सिपाही रवींद्र तिवारी, नरेंद्र देव मिश्र, मिनींदर सरोज, अनवर खान व पीआरडी जवान शिव नारायण तिवारी को विचारण के लिए अदालत में तलब किया गया है।
उक्त आरोपियों को मारपीट करने में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवकांत शुक्ल की अदालत ने यह आदेश दिया है। मामले में परिवाद सेना के जवान राकेश कुमार की पत्नी उमा सिंह ने दायर किया था। मामले में अगली पेशी सात दिसंबर नियत की गई है।
अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह के मुताबिक इनायतनगर क्षेत्र में रनापुर निवासी उमा सिंह के पति राकेश बंगलौर में सेना में तैनात हैं। वह छुट्टी पर घर आए थे। सात अक्तूबर 2014 को पत्नी के साथ पैसा निकालने एटीएम पर गए थे। वहां भीड़ थी। कतार तोड़ आगे निकल रहे लोगों को राकेश ने रोका।
इस दौरान सिपाहियों व पीआरडी जवान के साथ वहां पहुंचे इनायतनगर थानाध्यक्ष ने राकेश को वहीं डंडे से मारा पीटा। इसके बाद थाने ले गए और खंभे से बांधकर वहां भी उसकी पिटाई किए। उसके बाद राकेश का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।
जमानत पर छूटने के बाद सेना का जवान तीन दिन सेना के अस्पताल में भर्ती रहा। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पत्नी ने अदालत में इस्तगासा दायर किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबको प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विचारण के लिए तलब किया है।