खंडासा से एक सप्ताह पहले अपहृत किशोरी के साथ युवकों ने गैंगरेप किया। किशोरी ने जब इसका विरोध किया तो उसकी पिटाई करने के बाद भूखा भी रखा गया। हैवानियत की शिकार हुई किशोरी के अचेत होने पर उसे लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर छोड़ सभी युवक भाग गए।
होश में आने पर जब किशोरी ने आपबीती बताई तो चारबाग जीआरपी ने सोमवार को उसे खंडासा पुलिस को सौंप दिया। मंगलवार को किशोरी का मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट में दुराचार समेत मारने-पीटने आदि की धाराएं जोड़ आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
खंडासा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी (16) बीती 30 मई की रात अपनी छोटी बहन के साथ नित्यक्रिया के लिए जैसे ही गांव से बाहर निकली, पहले से मौजूद गांव निवासी अमरेंद्र सिंह व अन्य ने उसे घसीटकर एसयूवी में बैठा लिया और भाग गए।
छोटी बहन ने घर जाकर इसकी सूचना दी तो पीड़ित पिता ने दूसरे दिन 31 मई को खंडासा पुलिस को तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। दो जून को पुलिस ने किशोरी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की। तीन जून को युवकों ने किशोरी को अचेत अवस्था में लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर छोड़ कर भाग गए।
चारबाग जीआरपी ने किशोरी के होश में आने के बाद पूरे मामले से खंडासा पुलिस को अवगत कराया। जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने किशोरी को वहां से लेकर थाने पहुंची और उसका मेडिकल कराया। पीड़ित किशोरी ने बताया कि उसे दो दिन तक भूखा रखा गया और मारने पीटने के साथ उसके साथ सामूहिक दुराचार किया गया।
किशोरी के शरीर पर नाखूनों से नोंचने के निशान उसके साथ हुई हैवानियत को बयां करते हैं। थानाध्यक्ष रामस्वरूप कमल ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में दुराचार व मारने पीटने की पुष्टि हुई है। जिसके आधार पर मुकदमे में दुराचार सहित अन्य धाराएं बढ़ाई गई हैं।