अयोध्या। यलोजोन की विशेष ड्यूटी में तैनात एक सिपाही ने संदिग्ध हालात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि तीन महीने से छुट्टी न मिलने पर वह डिप्रेशन का शिकार था और खुदकुशी कर ली। पुलिस गहराई से इसकी जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, हापुड़ निवासी नीरज कुमार जो कुमारगंज में तैनात हैं। उनकी विशेष ड्यूटी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बनाए गए येलोजोन में लगी हुई थी। सिपाही हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर के पीछे स्थित रघुनाथ दास आश्रम में किराये पर कमरा लेकर रह रहा था। मृृतक सिपाही नीरज कुमार 2016 बैच का सिपाही था और पिछले 8 माह में रामजन्मभूमि के यलोजोन में विशेष ड्यूटी कर रहा था। सिपाही की ड्यूटी नाइट शिफ्ट में थी। हनुमानगढ़ी क्षेत्र में अन्य कई सिपाही भी किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। शुक्रवार को आसपास रहने वाले सिपाही अपनी ड्यूटी खत्म करके लगभग 7 बजे वापस आने के कुछ देर बाद पड़ोसी सिपाहियों ने नीरज को आवाज लगाई लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब न मिलने पर सिपाहियों को किसी अनहोनी की आशंका हुई तो दरवाजा तोड़ा अंदर का नजारा देखकर दंग रह गये। नीरज का शव रस्सी के सहारे फांसी के फंदे से लटकता मिला। सिपाही के फांसी लगाने की जानकारी मिलते ही हड़कंप। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र बघेल, पुलिस अधीक्षक नगर अनिल सिंह, एसपी सुरक्षा एमपी चौहान सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फिंगर प्रिंट, डॉग स्क्वॉएड, फॉरेंसिक टीम मौके पर छानबीन कर रही है। सीओ अयोध्या राजकुमार साव ने बताया कि सिपाही की मौत के कारणों पता लगाया जा रहा है। साथियों के मुताबिक, सिपाही को तीन महीने से छुट्टी नहीं मिल पा रही थी जिसको लेकर वह तनाव में था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर छानबीन कर रही है।
एसएसपी सुभाष सिंह बघेल ने कहा कि दो डॉक्टरों की टीम बनाकर शव का पोस्टमार्टम कराया जायेगा और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई जायेगी। उनके घर वालों को सूचना दे दी गई है। एसएसपी ने कहा कि छुट्टी न मिलने की जानकारी मुझे नहीं है। इसकी गहराई से पड़ताल कराई जाएगी।