दिल्ली की धर्मसभा में शामिल हो सकते हैं रामनगरी के संत-धर्माचार्य
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए हो रही विहिप की धर्म सभाओं के क्रम में दिल्ली में 9 दिसंबर को होने जा रही धर्मसभा में रामनगरी के संत-धर्माचार्य भी शिरकत कर सकते हैं। यहां पांच लाख भक्तों को बुलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अयोध्या सहित आसपास के जिलों व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जनसंपर्क अभियान तेजी से चल रहा है।
संतों के निर्देश के बाद विहिप ने प्रथम चरण में चार विराट धर्म सभाओं के आयोजन का निर्णय लिया था। जिनमें से तीन का आयोजन हो चुका है। चौथी धर्मसभा दिल्ली में होगी। दिल्ली की विराट धर्मसभा में पांच लाख भक्तों को लाने का लक्ष्य है। इसके लिए संघ व विहिप ने पूरी ताकत झोंक दी है।
रामनगरी अयोध्या के संत-धर्माचार्यों सहित हरिद्वार, मथुरा, वृंदावन, हरियाणा, राजस्थान आदि जिलों, प्रांतों के भक्त संत-धर्माचार्यों के दिल्ली की सभा में पहुंचने की संभावना है। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा कहते हैं कि सरकार व सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकताएं भिन्न हो सकती हैं लेकिन हिंदू समाज की प्राथमिकता में राममंदिर का विषय अभी भी पूरी शिद्दत से है।
अयोध्या की धर्मसभा में पहुंचे तीन लाख से अधिक भक्तों ने इसको साबित भी किया है। बताया कि यह जनजागरण तब तक चलता रहेगा जब तक राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं हो जाता। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा कहते हैं कि राममंदिर निर्माण के लिए संघ व विहिप की गतिविधियां लगातार जारी है।
धर्म सभाओं के बाद धार्मिक अनुष्ठान एवं कुंभ में धर्म संसद का भी आयोजन किया जाना है। गीता जयंती के अवसर पर 18 से 25 दिसंबर तक देश के सवा लाख गांवों में राममंदिर के लिए अनुष्ठान होगा। अंतिम चरण में प्रयागराज के कुंभ में 31 जनवरी व दो फरवरी को धर्मसंसद का आयोजन होगा। इसमें भावी आंदोलन की रूपरेखा तय होगी।