बंगाल के मालदा से ट्रेन के जरिये 1.98 लाख की जाली भारतीय मुद्रा लेकर जा रहे दो तस्करों को शनिवार देर शाम सोहावल में गिरफ्तार कर लिया गया। अप मालदा-दिल्ली फरक्का एक्सप्रेस की चेकिंग में रेलवे पुलिस को यह सफलता मिली। तस्करों ने खुद को हैंडलर बताया है।
पूछताछ में रकम को टूंडला में किसी शख्स को देने की बात कही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 42 दिन बाद एक बार फिर बंगाल के मालदा से ट्रेन के जरिये जाली नोटों की तस्करी सामने आई है।
शनिवार देर शाम सोहावल में पकड़े गये युवक गौतम सरकार निवासी महाप्रभु पाठा रानाघाट, थाना रानाघाट जिला नदिया और राजकुमार उर्फ राजू मंडल, निवासी भीमटोला, थाना कलिया चक जिला मालदा बंगाल के रहने वाले हैं।
जीआरपी ने गौतम के पास से पांच-पांच सौ के दो सौ नोट (कुल एक लाख) व राजकुमार के पास से पांच-पांच सौ के 196 नोट (98 हजार) पकड़े हैं। जीआरपी थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वह सावन मेले के मद्देनजर अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र से गुजरती ट्रेनों की चेकिंग का अभियान चला रहे हैं।
शनिवार की देर शाम एसआई श्यामदेव चौधरी व शिवशंकर आदि अप फरक्का एक्सप्रेस की चेकिंग कर रहे थे। ट्रेन फैजाबाद से चलकर सोहावल में प्लेटफार्म दो पर रुकी। ट्रेन से नीचे उतरे दो युवकों को शक पर पकड़ा गया। तलाशी में 1.98 लाख की जाली करेंसी मिली। दोनों युवक बंगाल प्रांत के जिला नदिया व मालदा के रहने वाले हैं।
थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों हैंडलर हैं। मालदा में रुपया किससे लिया? टूंडला में रुपया किसे देते? इसे युवक बता नहीं पा रहे हैं। कहा, पकड़े नोटों की जांच एलआईयू, मिलेट्री इंटेलीजेंस व आईबी के अधिकारी कर चुके हैं। युवकों का चालान रविवार को जाली नोट रखने, एक स्थान से दूसरे स्थान पर उसे ले जाने की धाराओं में किया गया।