अयोध्या। हत्या करने के इरादे से बुजुर्ग का अपहरण करना और उसे घर में बंद करके मारने-पीटने के मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को दोषी पाते हुए प्रत्येक को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक 8 हजार पांच सौ रुपए जुर्माना भी किया है। यह आदेश अपर जिला जज अशोक कुमार की अदालत से हुआ।
एडीजीसी विजय कुमार ओझा ने बताया कि घटना दो जुलाई 2011 की रात 9:30 बजे की है। राम लखन निवासी रनापुर पूरे महेश थाना इनायतनगर के पिता लहूरी गांव निवासी राजकुमार रैदास के घर गए थे।
उसी समय गांव के सूरजू पांडे उर्फ सूर्यकरन, दिलीप कुमार, सुरेश पांडे ने उन्हें मारापीटा। जब वह जान बचाकर घर में भाग गए तो वहां भी घुसकर उनको मारा पीटा।
लहूरी की बहू मंजू उन्हें बचाने आई तो उसे भी मारापीटा और घसीट कर अपने घर के अंदर ले जाकर बंद कर दिए। इसकी रिपोर्ट राम लखन ने तीनों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने और हत्या के इरादे से अपहरण करने की धारा में दर्ज कराई थी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए तीनों को जेल भेजा था। सजा के प्रश्न पर मंगलवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबको सजा सुनाई।