पुरस्कार लेते सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट
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डोगरा रेजीमेंटल सेंटर के उप कमांडेंट कर्नल करन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में देश की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। देश की सीमाओं की रक्षा के साथ आपदा से निपटने के लिए होनहार सैनिकों की जरूरत है।
प्रशिक्षण हासिल करने वाले जवान यहां सिखाए गये हुनर का अपनी यूनिट में पहुंचकर उपयोग करेंगे और अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने आला दर्जे की ड्रिल व उच्चकोटि के टर्नआउट के लिए जवानों को शाबासी दी।
कर्नल करन शनिवार को डोगरा रेजीमेंटल सेंटर ग्राउंड पर आयोजित रिक्रूटों के पासिंग आउट परेड की सलामी लेने के बाद पास आउट रिक्रूटों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी रिक्रूटों को संकल्प दिलाया कि वह हमेशा भारतीय सेना की सर्वोत्तम सैनिक परंपरा को बनाए रखें और रेजीमेंट के आदर्श वाक्य ‘कर्तव्यमन्वात्मा’ अर्थात ‘स्वयं से पूर्व कर्तव्य’ को सदैव याद रखें।
साथ ही कहा कि हर जवान तीन बात सदैव याद रखे ‘नाम, नमक और निशान’। डोगरा रेजीमेंटल केंद्र की ओर से बताया गया कि 34 सप्ताह से चल रहा रिक्रूटों का प्रशिक्षण शनिवार को पूरा हो गया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले 254 रिक्रूटों को पास आउट घोषित किया गया है।
इन पास आउट रिक्रूटों को शनिवार को समारोह पूर्वक शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम की शुरूआत रेजीमेंट के पाइप बैंड के साथ परेड फाल इन के साथ हुई। प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रिक्रूटों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।
इसमें शिवम अनदोत्रा को सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट का सम्मान दिया गया। इस अवसर पर मौजूद एनसीसी व स्कूल के बच्चों ने जवानों के साथ दिन व्यतीत किया और युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पासिंग आउट परेड में सैन्य अधिकारी, सैनिक तथा अन्य मौजूद रहे।