अयोध्या। रामनगरी में मनाया जाने वाले पांचवें दिव्य दीपोत्सव में घाटों पर दीपों से रामायण कालीन दृश्यों को जीवंत किया जाएगा। इसके लिए सभी घाटों पर रामायण से जुड़े प्रसंगों की पहले चित्रकारी की जाएगी।
इसके साथ ही इन पर दीपों को जलाया जाएगा। अवध विवि प्रशासन ने घाट के अनुसार चित्रों की डिजाइन को फाइनल कर लिया है। घाट नंबर एक से लेकर 32 तक के प्रत्येक घाट पर रामायण से जुड़े प्रसंगों को उकेरा जाएगा।
यह कार्य विवि प्रशासन 23 अक्तूबर से शुरू कर देगा। सभी घाटों पर दीपों को उकेरने के बाद 03 नवंबर की दीपोत्सव के दिन इन चित्रों पर दीप रखकर थ्रीडी एनिमेशन के साथ जलाए जाएंगे।
शासन के निर्देश पर रामनगरी में हर वर्ष मनाया जाने वाला पांचवां दिव्य दीपोत्सव हर वर्ष की अपेक्षा भव्य व दिव्य मनाया जाना है। इसकी तैयारियां तीन माह से चल रही है।
इस बार का दीपोत्सव रामायण कालीन थीम पर मनाया जाना है। दीपोत्सव से जुड़े समस्त विभाग इसकी तैयारी में जुटे हैं। दीपों को सजाने व जलाने की जिम्मेदारी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि को मिली है।
इस बार दीपोत्सव का विस्तार 32 घाटों तक हो गया है। इसमें नौ लाख दीप घाटों पर सजाए व जलाए जाने हैं। इसके लिए विवि प्रशासन ने 12 हजार वॉलेंटियर्स तैयार किए हैं।
थीम बेस पर इस बार का दीपोत्सव होने के कारण के कारण घाटों पर दीप भी रामायण कालीन प्रसंगों के आधार पर जलाए जाने हैं। विवि प्रशासन ने घाट नंबर एक से लेकर 32 तक की डिजाइन तैयार कर ली है।
इस बार रामायण के प्रसंगों के आधार पर सभी घाटों चित्र बनाकर दीपों को जलाया जाएगा। इस बार घाट पर दीपों के माध्यम से भगवान राम का धनुषधारी स्वरूप, भक्त हनुमान का संजीवनी बूटी का चित्र, राम दरबार, राम वन गमन, पुष्पक विमान, भगवान लक्ष्मण, अयोध्या वापसी, वनवास समेत विभिन्न दृश्यों को घाटों पर उकेरा जाएगा।
23 अक्तूबर से विवि प्रशासन की ओर से 32 घाटों पर दीपों को उकेरने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद दीपोत्सव के दिन थ्रीडी एनिमेंशन के साथ दीपों को सजाया जाएगा। इससे घाटों पर दीपों के माध्यम से लोग रामयाण के प्रसंगों को जीवंत देख सकेंगे।
अवध विवि प्रशासन की ओर से दीपोत्सव में दीपों को सजाने, जलाने, खरीदने व वॉलेंटियर्स के खान-पान व ड्रेस समेत अन्य कार्यों का टेंडर फाइनल हो गया है। लखनऊ की लकक्षक एलएलपी टेक को समस्त जिम्मा सौंपा गया है।
कार्यदायी संस्था की ओर से 1.20 करोड़ रुपये में समस्त कार्य किए जाने पर मोहर लगी है। विवि प्रशासन ने संस्था को निर्देश दिए हैं कि कोशिश करें कि दीपक लोकल कुम्हारों से ही खरीदे जाएं। जिन दीपों में 40 एमएम तेल आ सकते हैं, उन्हीं को मानक अनुसार लिया जाए।
रामनगरी में मनाया जाने वाले पांचवें दिव्य दीपोत्सव में 11 झांकियां वाहनों पर सवार होकर निकलेंगी। यह झांकियां संदेशात्मक होंगी। झांकियों में पुत्रयेष्ठि यज्ञ, गुरुकुल शिक्षा, रामसीता विवाह, अहिल्या उद्घार, पंचवटी, रामेश्वर सेतु, पुष्पक विमान, केवल प्रसंग, रामदरबार, सबरी राम मिलाप व लंका दहन की झांकियां शामिल होंगी।
पांचवें दिव्य दीपोत्सव को मनाने जाने की तैयारियां चल रही हैं। रामायण के प्रसंगों पर आधारित चित्रों को उकेरे जाएगा। यह कार्य 23 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा। दीपोत्सव के दिन इन चित्रों पर दीप सजाकर जलाया जाएगा। इससे सभी घाटों पर रामायण के प्रसंग जीवंत होंगे।-प्रो. शैलेंद्र वर्मा, नोडल अधिकारी दीपोत्सव