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नगर निगम क्षेत्र में पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध

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अयोध्या। नगर निगम की बोर्ड की बैठक में नगर क्षेत्र में बढ़ रहे जलवायु व वायु प्रदूषण के मद्देनजर पॉलीथिन को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। बोर्ड ने आम सहमति से निर्णय लिया है कि सभी प्रकार के पॉलीथिन व कैरीबैग का प्रयोग शहर क्षेत्र में नहीं किया जा सकेगा। शहर में वायु प्रदूषण करने वाली कार्यदायी संस्थाओं से कराए जा रहे कार्यों व उनसे निकलने वाले मलबे का उचित निस्तारण किए जाने का अभिमत किया गया है। इसका एक माह में कड़ाई से अनुपालन कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
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शनिवार को बोर्ड की बैठक मंडलायुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में महापौर ऋषिकेश उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्वप्रथम नगर में बढ़ रहे वायु प्रदूषण के मद्देनजर शहर में सभी प्रकार की पॉलीथिन को प्रतिबंधित किए जाने का प्रस्ताव आया। इसे सभी ने आम सहमति से पारित किया। पार्षद रामानंद तिवारी की ओर से इसका एक माह में कड़ाई से अनुपालन कराए जाने व पार्षद हाजी असद की ओर से पालीथिन का उत्पादन करने वाली फैक्टरियां चिह्नित कर प्रतिबंधित किए जाने की मांग की गई।
इसके साथ ही शहर के जमुनियाबाग, सिविल लाइन व चौक में निगम की दुकानों को विस्तारित किए जाने व अंगूरी बाग व जलकल मेें बनी दुकानों का आवंटन नीलामी प्रक्रिया के तहत किए जाने की मांग की गई। इसे अध्यक्ष ने सहमति प्रदान की है। इसके बाद गरीबों को ठंड में उपलब्ध कराने के लिए कंबल क्रय करने का निर्णय लिया गया है।
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साथ ही शहर में पहले दो पालियों में हो रही सफाई व्यवस्था को बहाल किया गया। इसके लिए महापौर व नगर आयुक्त को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी दी गई है कि तीन दिन के भीतर पुरानी व्यवस्था को सुनिश्चित कराएं। जलकल के बेलदार कमलेश का तत्काल स्थानांतरण किए जाने का निर्णय भी लिया गया है।
बोर्ड की बैठक में मुख्य रूप सांसद लल्लू सिंह, नगर आयुक्त विशाल सिंह, अपर नगर आयुुक्त सच्चिदानंद सिंह, अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय, सहायक नगर आयुक्त अंकिता शुक्ला, चीफ इंजीनियर मनीष अवस्थी, लेखाकार नरेंद्र प्रताप सिंह समेत पार्षद उप सभापति बृजेंद्र सिंह, अशोक द्विवेदी, अर्चना श्रीवास्तव व राजेश गौड़ सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।
बोर्ड की बैठक में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया। अब किसी भी निविदा के लिए मात्र दो प्रतिशत सिक्योरिटी ही देनी होगी। इसके साथ ही निविदाओं को 15 प्रतिशत से नीचे नहीं डाला जा सकेगा। पहले नगर निगम के कार्यों के लिए सिक्योरिटी 10 प्रतिशत थी व निविदाएं 27 प्रतिशत से नीचे तक डाली जा सकती थीं।
नगर निगम बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया है कि शहर में सफाई व्यवस्था ढर्रे से उतरी है। इसका कारण यह है कि सफाई कर्मचारियों पर कोई अंकुश नहीं है। इसके दृष्टिगत निर्णय लिया गया है कि अब सफाई के मस्टर रोल को सफाई नायक के साथ पार्षद भी सत्यापित करेंगे। इसके अलावा सफाई व निर्माण की गुणवत्ता के संबंध में प्रतिदिन अपर नगर आयुक्त द्वारा निरीक्षण किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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