प्रधानमंत्री की ओर से पांच सौ और हजार के पुराने नोटों की बंदी के एलान के नौवें दिन गुरुवार को हालात और बिगड़ते दिखे। जिले के अधिकांश ग्रामीण बैंक की शाखाओं में धन निकासी व बंद नोट बदलवाने आए लोगों को कैश शॉर्ट की समस्या से बैरंग लौटना पड़ा।
इस दौरान शहर में आक्रोशित लोगों ने जहां रोड जाम कर प्रदर्शन किया, वहीं देहात इलाकों में भी शाखा प्रबंधकों से तू-तू, मैं-मैं होती रही। हैदरगंज की केनरा बैंक में बुजुर्ग से प्रबंधक की बदसलूकी से हंगामा हुआ। अयोध्या में इलाज के लिए धन नहीं होने से मरीज को चारपराई पर लिटाकर बैंक लाया गया। उधर, एटीएम की हालत और बिगड़ गई है। सवा सौ एटीएम कैश न होने से बंद रहे।
नोट बदलवाने व निकासी को पहुंचे लोगों को नौवें दिन भी जलालत झेलनी पड़ी। हालत इतनी खराब थी कि कई बैंक शाखाओं पर कैश न होने से नोटिस लगा दिया गया। यहां सिर्फ डिपॉजिट के काम हुए। सैकड़ों लोग शाखाओं से लौट गए। जिले के 200 एटीएम में सवा सौ से अधिक के शटर नहीं उठे।
जहां 100 के नोट निकलने शुरू हुए वहां दो घंटे में ही खत्म हो गए। बैंकों में अब नोट बदलवाने वालों को स्याही लगाने के इंतजाम सभी जगह दिखे। शहर के जिला महिला अस्पताल के पास ग्रामीण बैंक पर कैश न होने का नोटिस देख आक्रोशित लोगों ने रोड जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे शहर में जाम लग गया। बाद में पुलिस ने लोगों से समझाकर केवल जमा करने वालों को बैंक के अंदर भेजा।
उधर, रसुलहा हैदरगंज की केनरा बैंक शाखा में एक बुजुर्ग समेत कई लोगों ने शाखा प्रबंधक पर बदसलूकी का आरोप लगाया। भीड़ ने जमकर हंगामा किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। मामले में प्रदर्शन कर डीएम से शिकायत की गई है। तारुन इलाके में नोटबंदी के बाद ग्राहकों के भुगतान में अड़चन पैदा कर रहे सेंट्रल बैंक कर्मियों के विरुद्ध उपभोक्ताओं ने बवाल कर नारेबाजी की।
पुलिस बल की सूचना पर थानाध्यक्ष दल बल के साथ पहुंचकर ग्राहकों को शांत कराया। बैंक द्वारा दिये गए टोकन पर ही गुरुवार को भुगतान किया गया। बाजार रामपुरभगन में नोटबंदी के बाद से ही बैंक ऑफ बड़ौदा व इंडिया नंबर वन सहित दोनों एटीएम के शटर गुरुवार तक नहीं खुले। जिसके कारण बैंक में भारी भीड़ लग रही है।
रुपयों के लिए लोग स्थानीय बैंक शाखा पर लाइन लगा रहे हैं। हालांकि बैंक ऑफ बड़ौदा रामपुरभगन शाखा प्रबंधक एस के गोस्वामी ने लाइन में लगे लोगों की परेशानी को देखते हुए गुड़ व बिस्कुट के साथ पानी पीने की व्यवस्था स्टॉल लगा कर की है। रुदौली, भेलसर, सोहावल, बीकापुर, मया, पूरा आदि इलाकों में भी ग्रामीण बैंकों में कैश कम पड़ जाने से लोगों ने दिक्कतें झेलीं।
कैश की कमी से बढ़ी दिक्कतें: एलडीएम
लीड बैंक मैनेजर ओपी शुक्ला का कहना है कि गुरुवार को कई बैंकों में डिमांड के मुताबिक चेस्ट से कैश उपलब्ध न होने से लोगों को दिक्कतें हुई हैं। आरबीआई से करेंसी चेस्ट में आती है, वहीं से मांद के अनुरूप नहीं मिल पा रही है। इससे सबसे अधिक प्रभावित ग्रामीण बैंक की शाखाएं व एटीएम हुए हैं।
कुल दो सौ एटीएम में 40 फीसदी ही चल पाए, वहां भी नोट जल्द खत्म होती रही। 100 की नोट का जिलेभर में शार्टेज हो गया है। स्थानीय स्तर पर डिपॉजिट भी हजार व पांच सौ में आ रही है, इससे हालात नहीं सुधर रहे हैं। जो दो हजार की नोट मार्केट में गई है, वह छुट्टे के अभाव में चलन में नहीं आ रही है। ऐसे में 500 की नई नोट से ही हालात संभलेंगे।
एटीएम री कैलिबरेट होने में लग सकते दो सप्ताह
एलडीएम ओपी शुक्ला ने कहा कि अभी एटीएम को री कैलिबरेट होने में समय लगेगा। अभी तक तकनीकी टीम जिले में नहीं आई है। बड़े शहरों में एटीएम ठीक हो रहे हैं। यहां दो सप्ताह लग सकते हैं, एटीएम को ठीक कर दो हजार व पांच सौ के नए नोट डालने में, इसके बाद हालात पूरी तरह नियंत्रण हो होंगे।
कारोबार ठप होने से व्यापारी को हार्ट अटैक, मौत
गोसाईगंज। नगर के कपड़ा व्यवसायी पारस नाथ गुप्ता (55) की बुधवार रात्रि 1:30 बजे हृदय गति रुक जाने से मृत्यु हो गई। परिवार का कहना है कि नोट बंदी के चलते व्यापारिक कार्य ठप होने के कारण चिंतित थे। उनके पुत्र आशीष ने बताया कि दिनभर दुकान पर बैठे थे शाम को उन्होंने बगल नाई की दुकान पर सेविंग कराई और घर पहुंचे कि अचानक उनके सीने में तेज दर्द शुरू हुआ जिसके चलते घर के लोगों ने स्थानीय चिकित्सक को दिखाया।
जहां से उन्हें फैजाबाद जिला चिकित्सालय ले जाया जाने लगा कि रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। मृतक को कोई बीमारी भी नहीं थी। वे नोटबंदी से कारोबार ठप होने से परेशान थे। उनकी अंत्येष्टि दिलासी गंज घाट पर की गई।