स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सब कुछ बेहतर करने
में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, फिर खामियां सामने आती गईं।
दर्शननगर के
सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में लिफ्ट बंद होने से वे पांच मिनट तक फंसे रहे।
जबकि जिला अस्पताल में भोजन न मिलने और सीटी स्कैन खराब होने की शिकायत
मरीजों ने की।
महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी बता इलाज की दिक्कतें खुद
सीएमएस ने ही सुनानी शुरू कर दी, तो उन्हें शीघ्र तैनाती का आश्वासन मिला।
दर्शन नगर स्थित 300 बेड के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में लिफ्ट में चढ़ने
के दौरान फ्यूज उड़ गया। मुख्य सचिव के साथ आला अधिकारी लिफ्ट में ही फंस
गए। आनन-फानन पांच मिनट के अंदर फ्यूज को जोड़ा गया।
तब जाकर प्रमुख सचिव
लिफ्ट से बाहर आ सके। इसे लेकर हड़कंप मच गया। पता चला कि एक साथ सभी 40
एसी पहली बार चालू करने से लोड बढ़ गया, जिससे फ्यूज उड़ गया।
मगर फौरी तौर
पर अफसरों को बिजली कटौती पर शंका हुई, जो तत्काल पूछताछ में दूर हो गई।
जिससे पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
मुख्य सचिव ने
अस्पताल की ओपीडी को जायजा लिया। मौके पर अस्पताल का इंडोर ब्लॉक अभी भी
अधूरा पड़ा मिला। जिला अस्पताल के बाद मुख्य सचिव महिला अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल निरीक्षण के दौरान महिला सीएमएस डॉ. नीरजा माला ने
बताया कि अस्पताल में चिकित्सक ही नहीं हैं। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित
होता है।
सीएमएस ने और चिकित्सक तैनात किए जाने की डिमांड की। इस पर मुख्य
सचिव ने चिकित्सकों के तैनाती का आश्वासन दिया।