बिहार से होता हुआ पूरे देश और विदेशों में छाए लोक पर्व छठ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। छठ पूजा तो 17 व 18 नवंबर को है लेकिन इसके लिए सरयू घाट की सफाई शुरू हो चुकी है।
बाजार में छठ व्रत के सामान बिकने लगे हैं। पुत्र के दीर्घायु, स्वास्थ्य और सकल जीवन के साथ माताएं कठिन छठ व्रत करती हैं। शहर में सरयू घाट पर अस्ताचल सूर्य को अर्घ दिया जाता है।
17 नवंबर की शाम को महिलाएं परिवारीजनों के साथ घाट पर पूजन सामग्री के साथ अस्ताचल सूर्य को अर्घ देने पहुंचेंगी। 18 नवंबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ चढ़ाने के साथ ही छठ व्रत पूर्ण होगा।
प्रसाद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग सरयू के घाटों पर पहुंचते हैं। अयोध्या के विभिन्न घाटों और फैजाबाद के गुप्तहरि घाट पर महिलाएं भगवान सूर्य को अर्घ चढ़ाने जाएंगी।
इसके मद्देनजर नगर पालिका की ओर से घाटों पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। बाजार भी छठ के लिए तैयार हैं। छठ व्रत में एकाएक सूप की मांग बढ़ जाती है।
इसके चलते बाजार में जगह-जगह सूप बिक रहे हैं। इसके अलावा फल, मौसमी सब्जी आदि की जरूरत होती है जो कि हर जगह उपलब्ध हैं। छठ पूजा करने वाली महिलाएं पूजन सामग्री खरीद रहे हैं।
जिन घरों में छठ पूजा होती है, वहां भक्ति गीत गाए जा रहे हैं। बरेहटा मांझा की बसंती शर्मा ने कहा कि हमारे यहां चार दिन तक छठ पूजा का आयोजन होता है। रात को छठ गीत शुरू होता है जो दो घंटे तक चलता है।
पास-पड़ोस की महिलाएं उत्सव में शरीक होती हैं। हनुमंत कॉलोनी रेलवे स्टेशन अयोध्या की मंजू चौबे कहती हैं कि पूजन के लिए बाजार से जरूरी सामान खरीद लिए हैं। छठ गीतों का स्वर घर में गूंजने लगा है।
ये पर्व हमारे लिए जीवन में नई ऊर्जा लेकर आता है। रायगंज निवासी डॉ. श्वेता गुप्ता ने बताया कि छठ पूजा को लेकर घर में उत्साह है, मेरी जो भी मन्नतें होती हैं, छठ मैया उसे पूरी करती है।
रायगंज की ही रत्ना शुक्ला का कहना है कि छठ मैया पर आस्था प्रगाढ़ है। हर वर्ष मां हमारी मनोकामना पूर्ण करती हैं। पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट वीके पांडेय ने कहा कि छठ पूजा को लेकर घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। महिलाओं को पूजन करते समय किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसका ध्यान रख रहे हैं।
छठ पूजा का प्रमुख स्थान सरयू घाट है जहां पर महिलाएं सूर्य को अर्घ देने जाती हैं। अयोध्या के घाटों के सापेक्ष फैजाबाद के गुप्तहरि घाट पर महिलाओं की मौजूदगी ज्यादा रहती है।