अयोध्या। अवध विवि की सेमेस्टर परीक्षाएं नई शिक्षा नीति के तहत 16 जनवरी से प्रस्तावित हैं। हर बार की मुख्य परीक्षाओं की भांति इस बार की सेमेस्टर परीक्षा होगी। यह सिर्फ बीए, बीएससी व बीकाम के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होगी। बावजूद इसके अभी तक परीक्षा फार्म नहीं भरे गए हैं, न ही विवि प्रशासन के पास स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों का सत्यापित डाटा ही मौजूद है। इससे ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।
यह नई शिक्षा नीति के तहत होने वाली पहली परीक्षा है। इसमें विद्यार्थियों समेत महाविद्यालय प्रशासन असमंजस की स्थिति में हैं। सेमेस्टर परीक्षाएं अवध विवि से संबद्ध लगभग 650 महाविद्यालयों में आयोजित होगी। नई शिक्षा नीति 2020 स्नातक बीए, बीकाम व बीएससी के विद्यार्थियों पर लागू हो चुकी है।
अब परीक्षाएं सेमेस्टर प्रणाली पर आधारित होंगी। इसमें प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर के अंत में प्रस्तावित हैं लेकिन विवि प्रशासन ने देर में शुरू हुई कक्षाओं के कारण परीक्षाएं 16 जनवरी से कराना तय किया है। मौजूदा समय में विवि प्रशासन की ओर से तैयारियों का दौर चल रहा है।
नई शिक्षा नीति के तहत इस बार परीक्षा फार्म में भी बदलाव होना तय है। कारण यह है कि नई शिक्षा नीति में मेजर व माइनर के विषयों का पेच है जबकि पिछले वर्षों में निर्धारित तीन विषयों के प्रश्न पत्र होते थे लेकिन इस बार प्रश्नपत्र के लिए अलग से कॉलम का निर्धारण होना है। इसके लिए नए परीक्षा फार्म का सेटअप तैयार कराने में विवि प्रशासन जुटा है। खबर है कि जल्द ही इसे वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकता है। दूसरी ओर अभी तक परीक्षा फार्म न भरे होने से विद्यार्थियों की सही संख्या का आकलन नहीं हो पाया है।
विवि प्रशासन ने इतना जरूर किया है कि यूएनआई कोड की जांच शुुरू कर दी है। लगभग एक लाख से अधिक विद्यार्थियों के डेटा चेक हो चुके हैं। इस बार भी नई शिक्षा नीति के कारण यूएनआई कोड के डेटा का भी फार्मेट बदल गया है। अभी यह सब कुछ करने के बाद विवि प्रशासन को पेपर सेट कराने के साथ परीक्षा केंद्रों का निर्धारण भी करना है जबकि अब सिर्फ एक माह से कुछ ही अधिक समय बचा है। ऐसे में नई शिक्षा नीति के तहत पहली सेमेस्टर परीक्षा कराना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
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नई शिक्षा नीति में सेमेस्टर आधारित परीक्षाएं होंगी। ये परीक्षाएं हर छह माह पर होंगी। इसमें 25 अंक आंतरिक परीक्षा व 75 अंक लिखित परीक्षा के होंगे। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में छह प्रश्नपत्र होंगे। इसमें प्रथम दो प्रश्नपत्र मेजर विषय के रूप में होंगे। इसके साथ ही तीसरा मेजर विषय छात्र की इच्छा पर निर्भर होगा। इसके अलावा पहला माइनर विषय व चौथा पेपर विद्यार्थी को अपने संकाय से अलग लेना होगा। इसके अलावा पांचवां पेपर सहगामी पाठ्यक्रम व छठवां प्रश्नपत्र वोकेशनल होगा। परीक्षा में प्रश्नपत्र तीन खंडों में होंगे
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साकेत महाविद्यालय के बीए प्रथम वर्ष के छात्र अविनाश पांडेय बताते हैं कि विषयों के चयन में काफी असमंजस की स्थिति है। प्रथम तीन प्रश्नपत्र के बाद आगे के तीन प्रश्नपत्रों के विषय अलग होने से काफी दिक्कतें हैं। पढ़ाई पहले से दोगुनी अधिक करनी पड़ रही है। साकेत के बीकाम प्रथम वर्ष के छात्र प्रफुल्ल सेन बताते हैं कि माइनर विषय समेत वोकेशनल व सहगामी पाठ्यक्रम जुड़ जाना अच्छा है लेकिन कोर्स काफी बड़ा हो गया है।
बीएससी के प्रथम वर्ष के छात्र शुभम सेठ बताते हैं कि अपने संकाय से अलग विषयों को पढ़ना काफी कठिन हो रहा है। इससे परीक्षा में नंबर कम हो सकते हैं। बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र मो. अहमद बताते हैं कि नई शिक्षा नीति से कोर्स बहुत लंबा हो गया है लेकिन सब विषयों की जानकारी मिल रही है।
बीए प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक बताते हैं कि प्रथम सेमेस्टर का कोर्स अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में परीक्षा होगी तो मार्क्स घट जाएंगे। बीए प्रथम वर्ष के छात्र हर्षित पाठक बताते हैं कि नई शिक्षा नीति के तहत नई जानकारियां मिल रही हैं।