बीकापुर। न्यायालय के आदेश का उल्लंघन, कर्तव्य के प्रति लापरवाही के आरोप में न्यायिक मजिस्ट्रेट अयोध्या के आदेश पर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक अजेंद्र प्रताप सिंह के विरुद्ध प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस अधिनियम 29 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि बलवा, मारपीट सहित अन्य धाराओं में दर्ज किए गए मुकदमा रामशंकर बनाम राज्य के मामले में विवेचक अजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सुनवाई के लिए नियत तिथि को संपूर्ण केस डायरी प्रस्तुत नहीं की गई। इसके लिए न्यायालय द्वारा कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।
उसके बाद नियत तिथि 13 सितंबर 19 को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर विवेचक द्वारा केस डायरी और अपना स्पष्टीकरण दिया गया। केस डायरी में उपलब्ध साक्ष्य से मालूम हुआ की चुटहिलों का मेडिकल परीक्षण हुआ है लेकिन विवेचक द्वारा मेडिकल परीक्षण कलेक्ट नहीं किया गया है और न ही उपलब्ध न होने का कोई कारण दर्शाया गया है।
मामले में विवेचक द्वारा न्यायालय के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन किया गया। माना गया कि मारपीट में चोटहिलों की आघात आख्या प्रस्तुत न करके उप निरीक्षक ने अपने पदीय कर्तव्यों का उल्लंघन किया जबकि मुकदमे में जमानत प्रार्थना पत्र 15 जुलाई 2019 से न्यायालय में लंबित है।
विवेचक को मामले में लापरवाही का दोषी होने के कारण न्यायालय द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश कोतवाली पुलिस को दिया गया। प्रभारी निरीक्षक जगदीश उपाध्याय द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।