सजी योगेश्वर की मूर्ति पर पड़ते रंग-बिरंगे प्रकाश से इलाकों में अद्भुत छटा बिखर रही है। श्रीकृष्ण का जन्म होने से पहले महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग जमी टोलियां गीतों से हर किसी को भक्ति रस में सराबोर करती रहीं।
मध्य रात्रि भगवान का जन्म होते ही नगरों में पटाखे फूटने लगे। भगवान की आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण हुआ।
पुलिस लाइन में मथुरा-वृंदावन से पहुंचे कलाकारों ने हर किसी का मन मोह लिया।
इसमें मंत्री अवधेश प्रसाद, विधायक पवन पांडेय, एमएलसी लीलावती कुशवाहा समेत कई अधिकारी जुटे रहे। मोदहा दक्षिणी के कोसलपुरी फेज-एक में शिवमंदिर में सजी झांकी पर रात एक बजे तक भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण चलता रहा।
पुलिस लाइन सहित कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। नाका हनुमानगढ़ी के खाटू श्याम दरबार में सांस्कृतिक संध्या सजी। गाइये गणपति जगबंदन, जो करुणाकर तुम्हारा अवतार हो जाये, वृंदावन की कुंज गलिन में, जबसे जन्मे कन्हैया करामात हो गई, जैसे भजनों को श्रोताओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम हनुमानगढ़ी पीठ के महंत भास्करदास की अध्यक्षता में हुआ। अब भगवान की छठ तक नगर में कार्यक्रमों की धूम रहेगी। गुरुवार को छठ पूजन के साथ कई पंडालों पर भंडारा होगा।
शुक्रवार को फतेहगंज से विशाल शोभायात्रा निकलेगी। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गुप्तारघाट पहुंचेगी और मूर्तियों का विसर्जन होगा।
गोसाईगंज में मां दुर्गा मां काली चौरा, महादेवा घाट, सत्संग घाट, तेलियागढ़, राधा किसन मंदिर, रामगंज राम जानकी मंदिर तथा कोतवाली परिसर में कान्हा का जन्म धूमधाम से मना।
कटरा स्थित प्राचीनतम बजरंग बली पीठ हनुमान मंदिर पर जागरण हुआ। उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक अभय सिंह ने किया। मवई प्रतिनिधि के अनुसार पटरंगा थाना परिसर के हनुमान मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।
आयोजित भजन संध्या में भगवान श्रीकृष्ण के भजनों पर लोग भक्तिसागर में गोते लगाते रहे। थानाध्यक्ष इन्द्रेश यादव ने कार्यक्रम में आये लोगों का आभार जताया।
कनक भवन, हनुमानगढ़ी, छपिया मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, राधा कृष्ण बृजराज, बिड़ला मंदिर, वासुदेव घाट स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर समेत अन्य मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया।
मंदिरों में श्रीकृष्ण भजनों की धूम रही। स्थानीय कलाकारों ने भजन और नृत्य की अनुपम छटा बिखेरी। तुलसी जनसेवा समिति के संयोजन में रानीबाजार चौराहे पर आकर्षक झांकी सजाई गई।
इस अवसर पर रात्रि जागरण कार्यक्रम में कलाकारों के भक्ति संगीत में लोग कृष्ण भक्ति में डूबे रहे। कार्यक्रम में वैभव मिश्र, मनोज श्रीवास्तव, नीलमणि आचारी, अभय श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
रायगंज तिराहे पर नर्वदेश्वर महादेव, रायगंज पुलिस चौकी के सामने गोड़ियाना, टेढ़ीबाजार, नयाघाट आदि स्थलों पर आकर्षक झांकियां व भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ऋणमोचन घाट स्थित बृजमोहन कुंज में मृदंग सम्राट पागलदास के संगती रहे गौरीशंकर दास की स्वर लहरियों में भक्तजन राधा, कृष्ण, बलराम और देवकी के विग्रह को झुला रहे थे।
ऐसी आध्यात्मिक मस्ती छाई कि लोग सुध-बुध खो बैठे। लोगों के थिरकते पांव जिसे ‘भाव-नर्तन’ कहा जा सकता है। उनकी गायिकी तो बमुश्किल आधे घंटे चली, लेकिन अनुभूतियों कुछ ऐसी हुई मानो प्रेम व अध्यात्म के नए संसार का अंतर्मन में उदय हो गया।
मानो बंधन टूट से गए हो। कथिकों का नृत्य भी देर रात तक चलता रहा। जिसमें कृष्ण प्रेम में रचे-बसे गीतों को लोकमनोहारी नृत्यों के जरिए ये कथिक अभिव्यक्ति कर रहे थे।