पद्मभूषण जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि छह दिसंबर 2018 तक राम मंदिर कंपलीट हो जाएगा। मेरी वाणी यदि झूठी होगी तो मैं आत्मदाह कर लूंगा। कहा कि अब श्रीराम जन्मभूमि पर काम शुरू होने के बाद ही मैं अयोध्या आऊंगा।
कहा कि श्रीराम जन्मभूमि न्यास कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास का जब 80वां जन्मदिन मनाया जाएगा तो उस वक्त उनको यह सबसे बड़ा उपहार होगा। जगद्गुरु शनिवार को श्रीमणिराम दास की छावनी में श्रीराम जन्मभूमि न्यास कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के 78वें जन्मोत्सव महोत्सव के समापन पर आयोजित संत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा विकलांग विश्वविद्यालय मैंने बनवाया। वहां से निकला कोई भी छात्र आज बेरोजगार नहीं है। स्वस्थ रहना है तो कलयुग में श्रीराम की उपासना करनी होगी। जिनका हृदय दयालु होता है तो वह सबके लिए वंदनीय होते हैं।
चेतना को जन जन में जगाते रहिए। कहा कि महंत आदित्यनाथ का भाषण गोल मटोल था। साफ बात करनी चाहिए, वह भी अयोध्या में आकर। सम्मेलन के मुख्य अतिथि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि रामजन्मभूमि रामलला की है। यह बात न्यायालय ने भी सिद्ध कर दी है। उसका प्रकटीकरण होना बाकी है और वह अब छावनी के महाराज जी के नेतृत्व में होना चाहिए।
सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि एक साथ इतने संतों के जमा होने से कुछ नया होने का संकेत मिल रहा है। यहां का संकल्प व्यर्थ नहीं जाएगा। कहा कि कुछ लोग योग व सूर्य नमस्कार और ऊँ का विरोध करते हैं। भारत का गौरव जब जब बढ़ता है तो विरोधी बढे़ंगे ही।
सम्मेलन में कथा वाचक प्रेम भूषण, नवल किशोर दास, वैष्णव कृष्णदास, महंत सियाराम दास, देवकीनंदन ठाकुर, डाॅ. श्याम दास, रामकृष्ण दास, डाॅ. राम विलास दास वेदांती, डाॅ. सुनीता शास्त्री, भगवान दास, जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवादाचार्य विद्याभास्कर, चंपत राय, प्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।