उन्हें कुर्सी से जबरदस्ती घसीटते हुए बाहर निकाला, फिर ठेलते हुए पंचायत स्थल तक ले गए। भाकियू की इस दंबगई से ब्लॉक परिसर में हलचल मच गई।
आनन-फानन पुलिस को सूचना दी गई। अधिकारियों व कर्मचारियों ने विरोध में कार्यालय में तालाबंदी कर हड़ताल शुरू कर दी। भाकियू नेताओं पर गुंडई का आरोप लगा कार्रवाई की मांग की गई।
इस बीच जब तक पुलिस पहुंची, पंचायत समाप्त कर कार्यकर्ता चले गए। मामले में बीडीओ चंद्रभान तिवारी ने तहरीर दे दी है। भाकियू की ओर से हर माह की 9 तारीख को मासिक पंचायत ब्लॉक कार्यालय के सामने बरगद के पेड़ के नीचे होती है।
उसी के तहत भाकियू के कार्यकर्ता पंचायत कर रहे थे। वहां खंड विकास अधिकारी को बुलाने की मांग शुरू हुई। बताते हैं कि क्षेत्र भ्रमण के बाद जैसे ही बीडीओ चंद्रभान तिवारी अपने कार्यालय लौटे उसके तुरंत बाद आधा दर्जन महिलाओं के साथ विजय कांत उपाध्याय, प्रमोद पांडेय, लल्लू उपाध्याय, अरविंद गिरि सहित कई अन्य भाकियू कार्यकर्ता कार्यालय में घुस गए।
बीडीओ से अभद्रता शुरू कर दी। गाली गलौज देकर उनका हाथ पकड़ खींचते हुए कार्यकर्ता पंचायत में ले गए। घटना से ब्लॉक में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना पाकर तारुन थाने के दारोगा जेपी सिंह व डीपी सिंह पुलिस बल के साथ ब्लॉक पर पहुंचे तो भाकियू कार्यकर्ता पंचायत समाप्त कर चले गए।
वहीं एडीओ पंचायत शेषदेव पांडेय के नेतृत्व में ब्लॉक कर्मी विरोध पर उतर आए। उन्होंने ब्लॉक में ताला बंदी कर दी। ब्लॉक कर्मियों की एक बैठक हुई जिसमें कहा गया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जायेगी तब तक सभी कर्मी हड़ताल पर रहेंगे।
बैठक में एडीओ पंचायत शेषदेव पांडेय, अनिल सिंह, गिरजेश तिवारी, रामकरन समेत कई लोग मौजूद थे। उधर बीडीओ चंद्रभान तिवारी ने थानाध्यक्ष को तहरीर दी है। जिला मुख्यालय पर जाकर इसकी सूचना जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी व डीडीओ को भी दे दी है।
बीडीओ ने कहा कि उन्होंने तहरीर देकर अफसरों को सूचना दे दी है कि मुझे न तो भाकियू के पंचायत में जाना था और न ज्ञापन लेने का उनका कोई कार्यक्रम था।
ब्लॉक पर हुई घटना की सूचना पर यहां पहुंचे एसडीएम को भी ब्लॉक कर्मियों के विरोध का सामना करना पड़ा। बताया गया कि एसडीएम धर्मपाल सिंह वीडीओ के साथ हुई अभद्रता की सूचना पर यहां पहुंचे।
इसके पहले ही ब्लॉक परिसर का कर्मियों ने गेट बंद कर दिया था। एसडीएम ने ब्लॉक के अंदर जाकर वास्तविकता जानने का प्रयास किया। लेकिन मुख्य गेट का ताला न खुलने से उन्हें बैरंग जाना पड़ा।
भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा बीडीओ से की गयी अभद्रता पर प्रधान संघ भी खफा है। प्रधानों ने इस घटना की निन्दा कर आरोपियों के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही की मॉग की है।
प्रधान बलवंत सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें उन्होंने कहा कि भाकियू का इस तरीके से अधिकारियों से दुर्व्यवहार करना लोकतंत्र की मर्यादा के विरुद्ध है। जिसकी जितनी निंदा की जाय कम है।
बैठक में कहा गया कि प्रधान संग वीडीओ के हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहेगा। बैठक में निर्मला कनौजिया, घनश्याम कनौजिया, अनिल भारती, राजेंद्र वर्मा, श्रीनाथ निषाद सहित कई लोग मौजूद थे।
वहीं बीडीओ के आरोप को भाकियू ने सिरे से खारिज कर दिया है। भाकियू के जिलाउपाध्यक्ष अरविंद गिरि ने बताया कि बीडीओ ने स्वयं महिलाओं से अभद्रता कर उन्हें गाली गलौज की।
यूनियन कार्यकर्ताओं ने किसी तरीके की घटना नहीं की है। उन्होंने बताया कि बीडीओ यूनियन की पंचायत में आकर बैठकर समस्याओं को सुनकर ज्ञापन भी लिया।
अरविंद गिरि ने बताया कि यदि कार्यकर्ताओं के विरुद्ध किसी तरीके की प्रशासनिक कार्यवाही की गयी तो जिले भर के कार्यकर्ता सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।
ब्लॉक पर हुए घटना क्रम के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कुलदीप नारायण ब्लाक पहुंचकर जांच की। उन्होंने स्थानीय पुलिस कर्मियों के अलावा अन्य लोगों से भी वास्तविकता परखी।
थानाध्यक्ष केके गुप्ता ने बताया कि बीडीओ की तहरीर के सत्यता की जांच करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध बलवा कर मारपीट करने व सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गयी है।