स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अफसरों ने मंगलवार को सीएमओ कार्यालय पर छापा मारा। आरोप है कि मंडलीय अस्पताल दर्शननगर में सीएमओ की ओर से 46 संविदा पदों के लिए नियुक्तियां की गई हैं।
मामले में डीएम के निर्देश पर एडी स्वास्थ्य और एसडीएम सदर ने दल-बल के साथ छापेमारी की, मगर सीएमओ मिले न ही जांच के लिए दस्तावेज। छापे के पीछे एक डिबार सेवा प्रदाता कंपनी के चयन का मामला भी बताया जा रहा है।
अपर निदेशक एचएन तिवारी, एसडीएम सदर अमित कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने मंगलवार शाम सीएमओ कार्यालय पर छापा मारा।
अफसरों को मंडलीय चिकित्सालय में संविदा पर की गई 47 कथित नियुक्तियों के साथ ही कुछ दूसरे मामले के दस्तावेजों की तलाश थी।
सूत्रों के माने तो विभाग की ओर से सफाई, मंडलीय चिकित्सालय में नियुक्ति के साथ सेवा प्रदाता कंपनी के चयन के लिए विज्ञापन निकाला गया था।
बताते हैं कि इस कार्रवाई के शुरू होने के साथ ही आचार संहिता भी प्रभावी हो गई लेकिन इस बीच सीएमओ की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने एक सेवा प्रदाता कंपनी का चयन कर लिया।
खास बात यह रही कि शहर की जिस कंपनी का चयन किया गया उसे डीएम ने पहले भी डिबार करने का निर्देश दिया था।
इसके साथ ही मंडलीय चिकित्सालय में संविदा के आधार पर 47 की संख्या में स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय, ओटी टेक्नीशियन, सफाई कर्मचारियों की भी नियुक्ति कर दी गई।
सोमवार से नियुक्त कर्मचारियों ने मंडलीय चिकित्सालय के सीएमएस पर जॉइन कराने के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो उन्होंने इसकी जानकारी एडी स्वास्थ्य को दी। इसके बाद यह सूचना शासन को भेजी गई।
फिर डीएम ने एडी को जांच करने का निर्देश दिया, तो उन्होंने सीएमओ से दस्तावेज मांगे लेकिन पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। छापे की खबर से सीएमओ के साथ अन्य अफसर कार्यालय से चले गए थे।
एसडीएम सदर अमित कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया मंडलीय चिकित्सालय में कथित फर्जी नियुक्तियों के दस्तावेजों को सील कराने के लिए वह एडी के साथ सीएमओ के कार्यालय गए थे।
एडी डा. एचएन तिवारी ने भी इसकी पुष्टि की है। बताया कि मामले की जांच की जा रही है।