after the rain water logging on the road
- फोटो : अमर उजाला
चंद पलों की शुक्रवार को हुई झमाझम बरसात से शहर की सड़कें व गलियां पानी से लबालब हो गईं। लोगों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रोडवेज परिसर ताल नजर आने लगा। कई दफ्तरों, मुख्य मार्गों समेत मोहल्लों में नाले-नालियां चोक होने से जलभराव के बीच लोगों की हालत विकट हो गई।
श्ुाक्रवार को हुई बरसात से लोगों की जिंदगी नारकीय बन गई है। तकरीबन दस बजे बरसात शुरू होने की वजह से लोगों को ड्यूटी जाने में दिक्कत हुईं। गुरुवार और शुक्रवार को 45 मिमी. बरसात रिकॉर्ड किया गया है।
बारिश के चलते सिविल लाइन में जलभराव हो गया। जबकि यहां हाल में नाले की सफाई हुई थी। सदर तहसील परिसर में भी जलभराव हो गया। सबसे खराब हालत रोडवेज परिसर की थी, जहां पूरा परिसर नाले से नीचे होने के कारण तालाब नजर आया।
सारी बसें सड़क पर ही सवारियों को भरती रहीं। एक भी बस रोडवेज के अंदर नहीं गई। अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी कार्यालय में भी जलभराव हो गया। चौक-देवकाली और अयोध्या मार्ग पर घुटनों तक पानी भर गया। शहर के रामनगर सिंधी कॉलोनी की सड़कें पानी में डूबी रहीं।
राहगीरों को घुटनेभर पानी में आना-जाना पड़ा। कॉलोनी के रहने वाले लक्ष्मन का कहना था कि जलभराव इस कॉलोनी की लाइलाज समस्या हो गई है। नगरपालिका ने कागज में नालों की सफाई कराई है, जिसका खामियाजा यहां के लोगाें को भुगतना पड़ रहा है।
इसी कॉलोनी के नरेंद्र सिंह ने बताया कि पूरी कॉलोनी में पानी भरा हुआ है। कहीं से जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। बरसात होने की वजह से पुलिस लाइन, पुष्पराज चौराहा, सिविल लाइन स्थित साइकिल ट्रैक, देवकाली, बाल्दा, कौशलपुरी, फतेहगंज में जलभराव से नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।