फैजाबाद में सरयू का जलस्तर बढ़ने से किनारों पर होती कटान।
- फोटो : अमर उजाला
उफनाई सरयू शुक्रवार को लाल निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 39 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
केंद्रीय जल बोर्ड के मुताबिक, 24 घंटे में कम से कम 10 सेंटीमीटर जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। दो से तीन दिनों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। उधर, नदी में हो रहे उतार-चढ़ाव से तटवर्ती इलाकों में कटान बढ़ गई है।
पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर सरयू नदी में खासा दिखने लगा है। बढ़ते जलस्तर से नदी की धारा कछार के दोनों पाटों को अपने आगोश में लेने लगी है। दो दिनों से जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी शुक्रवार को फिर थम गई है।
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी रामतिलक ने बताया कि नदी का जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे 92.335 मीटर पर थी। जो दोपहर 12 बजे 92.340 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया था। शाम चार बजे भी जलस्तर वहीं पर रहा।
बताया कि शनिवार को जलस्तर 92.350 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। नदी में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो दो-तीन दिनों में सरयू लाल निशान को पार कर जाएगी, जिससे जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से तटीय क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है।
नदी के बढ़ते जलस्तर से कछार के क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ फसलें सरयू में डूब रही हैं। सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र समेत रुदौली व सोहावल के कछारीय इलाकों में बाढ़ के संभावित खतरे से बेचैनी बढ़ गई है। लोग बाढ़ से बचाव की जुगत में जुट गए हैं।