अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में संरक्षण व प्रदर्शन के लिए गुमनामी बाबा/भगवन जी के सवा चार सौ सामानों का चयन किया गया है। राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने गुरुवार को दूसरे दिन भी कोषागार के डबल लॉक में रखे सामानों में से इनका चयन किया है।
अब इन्हें गैलरी में रखने के लिए रासायनिक उपचार की संभावना है। इस बीच पता चला है कि सामानों के प्रदर्शन के लिए रामकथा संग्रहालय में गैलरी का निर्माण भी शुरू होने की खबर है। गुमनामी बाबा के सामानों को अयोध्या के सरयू तट स्थित अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में रखने के लिए कार्रवाई शुरू की गई है।
प्रदेश शासन से गठित सात सदस्यीय समिति के विशेषज्ञों के साथ ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस विचार मंच के संयोजक ने बुधवार से कोषागार के डबल लॉक में रखे बाबा के सामानों में से प्रदर्शन के लिए सामानों के चयन का काम शुरू किया था। पहले दिन 122 सामानों का चयन किया गया। ये सामान संग्रहालय पहुंचा दिए गए हैं।
गुरुवार शाम तक चयनित सामानों की संख्या सवा चार सौ बताई गई है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस विचार मंच के संयोजक शक्ति सिंह के मुताबिक टेप रिकार्डर, ग्रामोफोन, फूल के गिलास, लोटा, गोमुख कमंडल, किताबें, पार्कर पेन, इंग्लैंड में बनी टॉर्च सहित साव चार सौ सामान प्रदर्शन के लिए चयनित किए गए हैं।
इन्हें संग्रहालय भेज दिया गया है। इस बाबत रामकथा संग्रहालय के प्रभारी उपनिदेशक योगेश कुमार से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। अब इन सामानों संरक्षित और प्रदर्शित करने के लिए रासायनिक उपचार किए जाने की उम्मीद है।
इस बीच बाबा के सामानों को संग्रहालय में रखने के लिए गैलरी के निर्माण शुरू होने की खबर है। सामानों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए तकनीकी समिति सदस्य विचार-विमर्श कर रहे हैं।