अयोध्या। दीपोत्सव के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने रामलला व हनुमानगढ़ी के दरबार में माथा टेका। मुख्यमंत्री ने रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपादास से भी उनके आश्रम पर जाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद राम की पैड़ी का निरीक्षण किया।
उन्होंने सरयू घाट पर बन पैड़ी के पंपिग स्टेशन का निरीक्षण कर पूरी जानकारी ली। उन्हें बताया कि गया कि पैड़ी के पंप हाउस की क्षमता अब 40 क्यूसेक से बढ़कर 240 क्यूसेक कर दिया गया है। उन्होंने पैड़ी के दूसरे चरण के कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए घाटों एवं पैड़ी परिसर की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की।
सरयू तट पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपोत्सव एक बार फिर देश दुनिया के सामने नए इवेंट के रूप में प्रस्तुत हुआ है। अपनी परंपरा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर हम सबको गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। दीपोत्सव अयोध्या का एक प्राण बन चुका है, पहचान से जुड़ चुका है। अवसर है अयोध्यावासियों को देश दुनिया में छाने का।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश दुनिया को एक साथ जोड़ने का जो काम चल रहा है हमने उसी में दीपोत्सव को अयोध्या से जोड़ा है। तीन वर्ष पहले जब दीपोत्सव का पहला कार्यक्रम हुआ था तब हमारी सरकार के ही लोग मौजूद रहे। तक से अब तक नया कार्यक्रम देखने को मिला है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से दूसरे दीपोत्सव में कोरिया गणराज्य की प्रथम लेडी शामिल हुईं जिससे भारत की संस्कृति से जुड़े देशों को अयोध्या से जोड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। इस वर्ष फिजी की डिप्टी स्पीकर कार्यक्रम में शामिल हुईं।
दीपोत्सव का आयोजन देश दुनिया की अनोखी पहचान प्रस्तुत करने वाला है। परंपरागत तीर्थयात्रियों व श्रद्धालुओं को आकर्षित करने में अयोध्या कामयाब होगी, बड़ी मात्रा में पर्यटकों के आने से उनके माध्यम से रोजगार सृजन की संभावना बनेगी। अयोध्या को नई पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वर्षों पहले बनी राम की पैड़ी का कार्य अधूरा था। कुंड बनकर रह गई थी राम की पैड़ी। नदी से पंप करके पानी डाला जाता था बाहर निकालने का रास्ता नहीं था। अब पानी एक तरफ से निकलकर दूसरी ओर से सरयू में आकर मिल रहा है। हर की पौढ़ी की तर्ज पर राम की पैड़ी का विकास कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। जहां से राम की पैड़ी शुरू होती है वहां से लेकर जहां पानी पुन: सरयू में मिलता है वहां तक हमारा प्रयास है कि एक घाट बने जिससे लाखों श्रद्धालुओं को सरयू स्नान में आसानी हो सकेे।
उन्होंने पिछले ढाई वर्षों में किए गए विकास कार्यों को भी गिनाया। कहा कि अयोध्या की पहचान के अनुरूप योजनाएं देने का काम केंद्र व प्रदेश सरकार कर रही है। सबसे पहले दर्शन-पूजन करने के बाद रविवार सुबह राज्यपाल आंनदीबेन पटेल लखनऊ के लिए रवाना हो गईं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। उनका दुर्भाग्य है कि राम की शरणागति व भक्ति उन्हें नहीं प्राप्त हुई। राम की शरणागति व भक्ति जिसे प्राप्त नहीं उसका उद्धार नहीं हो सकता। जिसने राम से द्रोह किया, उसकी दुर्गति हुई। जहां सुमति तह संपत्ति नाना, जहां कुमति तह विपति निधाना...।
विपक्ष की इसी कुमति के कारण देश की जनता ने उनके सामने स्वंय ही विपत्ति खड़ी कर दी है। उनके अस्तित्व पर एक संकट खड़ा कर दिया है। भारत की सांस्कृृतिक परंपरा व लोक कल्याणकारी योजनाओं को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार ने जिस तेजी से काम शुरू किया है उसमें विपक्ष बड़ी बाधा था। जनता ने उनकी नकारात्मकता के कारण ही अलग-थलग कर दिया।
उनका रात्रि विश्राम फैजाबाद के सर्किट हाउस में था। इसके बाद दर्शन-पूजन और संतों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह करीब 11 बजे हेलीकॉप्टर से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। निरीक्षण के समय अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, मंत्री महेंद्र सिंह, मंत्री रमापति शास्त्री, नगर विधायक वेद गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।