फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निगम बोर्ड की बजट बैठक में अखरेगी धन की कमी

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। नगर निगम में के बोर्ड की बैठक मंगलवार व बुधवार को प्रस्तावित है। मंगलवार को बजट सत्र व बुधवार को आम सभा की बैठक होगी। बजट सत्र में कोरोना महामारी काल का असर दिखाई देगा। योजना के क्रियान्यवन में बजट की कमी आड़े हाथ आने के साथ विकास कार्यों में लगी बकाया धनराशि का पेमेंट मुख्य मुद्दा होगा। दोनों को समस्याओं में सामंजस्य बैठाना बोर्ड के लिए सबसे कठिन प्रश्न होगा। मौजूदा समय में विभिन्न योजनाओं में लगभग 20 करोड़ विभिन्न देयकों में नगर निगम प्रशासन को पैमेंट करना है। साथ ही शिथिल पड़ी विकास योजनाओं को सुचारू रूप से संचालित करना भी चुनौती पूर्ण होगा।
विज्ञापन

मार्च में कोरोना महामारी के चलते लगे लाक डाउन में नगर निगम का बजट सत्र नहीं हो पाया था। कोरोना महामारी में नगर निगम को प्रतिमाह मिलने वाले लगभग 5 करोड़ रुपये दो माह नहीं मिले थे। जिसके चलते कर्मचारियों के दो माह का वेतन रुक गया था। नगर निगम प्रशासन ने लॉक डाउन में लोगों की स्थिति को देखते हुए अपने रखी हुई धनराशि से कर्मचारियों के वेतन व मानदेय का भुगतान किया गया। इसमें लगभग 8 करोड़ रुपए के आसपास खर्च हो गए। इसके बाद लगातार शहर में सैनिटाइजिंग अभियान चलता रहा और नगर माह नगर निगम को मिलने वाली 5 करोड़ की धनराशि से खर्च होता रहा।
नगर निगम को हर माह मिलने वाली पांच करोड़ की धनराशि में करीब साढ़े तीन करोड़ कर्मचारियों के वेतन व भत्ते में कट जाता है और शेष धनराशि से छोटे विकास कार्यों को परवान चढ़ाया जाता है। लेकिन कोरोना काल में सैनिटाइजिंग अभियान व महामारी से बचाव के अन्य कार्यों में यह धनराशि खर्च कर दी गई। इसका असर यह हुआ कि शहर का विकास पूरी तरह से ठप हो गया। दो माह का वेतन न आने से रखी हुई धनराशि भी समाप्त हो गई। इससे तमाम विकास कार्यों के पेमेंट रुक गए। मौजूदा समय में राज्य वित्त अयोग में करीब 16 करोड़ रुपये का बकाया नगर निगम के पास है। इसके साथ ही नगर निगम की प्रशासनिक लापवाही के चलते चार करोड़ रुपए बकाया है। दीनदयाल योजना में समय से कार्य न होने के चलते धनराशि वापस हो गई। ठेकेदारों को अभी तक पेमेंट नहीं हुआ है।
विज्ञापन

यह बजट सत्र के लिए बड़ा मुद्दा होगा कि बकाया धनराशि का पेमेंट किस प्रकार किया जाए। इसके साथ ही इस वित्त वर्ष में हाउस टेक्स व वाटर टेक्स भी समय से जमा नहीं हुए हैं। अभी इनको मार्च माह तक जमा होना है, इसके चलते धनराशि का एकत्रित नहीं कर पाई है। जिससे विकास कार्य की बनी योजनाएं फाइलों में कैद हैं। धनराशि के अभाव में यह धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। इन सभी योजनाओं के लिए धनावंट होना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
विभागों के प्रस्तावों न लेने पर हो सकता है हंगामा
कोरोना के चलते इस वर्ष का बजट बहुत लंबा-चौड़ा होने के आसार कम हैं। पिछले वित्तीय वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष भी एक अरब रुपए के आसपास ही बजट जाएगा। हालांकि बजट में नगर निगम के विभिन्न विभागों की ओर से प्रस्ताव नहीं दिया गया है। यह बजट बैठक में बड़ा मुद्दा बन सकता है। इस पर हंगामें के भी आसार हैं। विपक्षी दलों के पार्षदों का आरोप है कि बजट में सिर्फ लीपापोती की गई है। इस मामले को प्रमुख रूप से बजट सत्र में उठाया जाएगा।
नए शामिल 41 गांव के विकास की भी तैयार हो सकती है रूपरेखा
अयोध्या नगर निगम सीमा के समीपवर्ती 41 गांवों को नगर निगम की सीमा में शामिल किया गया है। बजट सत्र व बोर्ड की बैठक में इनके विकास का भी खाका खींचा जा सकता है। हालांकि यह गांव अभी नगर निगम की सीमा में पूरी तरह शामिल नहीं हुए हैं। इनका डी-नोट्रीफिकेशन का कार्य अधर में लटका हुआ है लेकिन भविष्य की योजनाओं के मद्देनजर इन 41 गांव में मूलभूत सुविधाओं के विकास का खाका तैयार किया जा सकता है।
कोट्स...
नगर निगम बोर्ड की बैठक 15 व 16 को प्रस्तावित है। कोरोना काल में परिस्थितियों से उभरने की कोशिश की जाएगी। कुछ नए विकल्प पर कार्य किया जा रहा है। उम्मीद है कि सभी पार्षदगण समस्याओं को समझते हुए सहयोग करेंगे।
विज्ञापन

- विशाल सिंह, नगर आयुक्त अयोध्या
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें