अयोध्या। कोविड प्रोटोकाल के चलते परिक्रमा मेले में भीड़ न उमड़े, इसके लिए जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा बनाई गई रणनीति काम आई। सिर्फ स्थानीय लोगों ने चौदकोसी परिक्रमा में भाग लिया। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा व कोविड प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी, मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों के साथ अर्धसैनिक बल व पुलिस के जवान तैनात रहे। मंडलायुक्त, आईजी, डीएम व डीआईजी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार मेला क्षेत्र में गश्त करते रहे। घाट पर भी पीएसी की बाढ़ राहत दल व जल पुलिस के जवानों को तैनात रहे।
चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में रविवार की देर रात चौदहकोसी परिक्रमा शुरू हुई, जो सोमवार शाम तक चलती रही। कोविड प्रोटोकाल के चलते इस बार इस मेले में बाहरी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगायया गया था। इसके लिए रात भर अयोध्या प्रवेश के सभी 13 मार्गों पर सुरक्षा बल सतर्क रहे और किसी भी बाहरी श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया। वहीं, पूरे परिक्रमा पथ पर सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा रहा। मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी रात भर अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।
बंधा तिराहा नयाघाट, सरयू स्नान घाट, सहादतगंज, जनौरा, गद्दौपुर समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर सीआरपीएफ व पीएसी के जवान तैनात रहे। महिला थाना की एंटी रोमियो स्कवॉएड द्वारा परिक्रमा मार्ग पर गश्त कर अराजकतत्वों की तलाश करती दिखी। मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, आईजी डा. संजीव गुप्त, डीएम अनुज झा, डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार रात भर परिक्रमा मार्ग पर पैदल भ्रमण करते रहे। नयाघाट पर बने कंट्रोल रूम में सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी की जाती रही, यहां पर मौजूद अधिकारी पल पल की खबर लेते रहे।
रणनीति आई काम, मेले में नहीं शामिल हो सके बाहरी श्रद्धालु
कोविड प्रोटोकाल के चलते बाहरी श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रवेश पर रोक को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा बनाई गई रणनीति काम आई। रणनीति के तहत पुलिस प्रशासन द्वारा मेले के दो दिन पूर्व ही अयोध्या की सीमा सील कर बाहरी श्रद्धालुओं के अयोध्या प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके साथ जनपद पुलिस द्वारा गोंडा, बस्ती, सुलतानपुर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, अमेठी समेत अन्य जनपदों की पुलिस से संपर्क कर वहां के श्रद्धालुओं के अयोध्या मेले में न ामिल होने की अपील की गई थी। इसका असर भी दिखा, मेले में सिर्फ स्थानीय लोग व कल्पवास के लिए कार्तिक माह की शुरूआत से अयोध्या में रुके श्रद्धालुओं ने चौदहकोसी परिक्रमा की। वहीं मेले के दौरान हाईवे भी बाधित नहीं हुआ, इस पर सभी प्रकार के वाहन गुजरते रहे।
सख्ती से कराया गया कोविड प्रोटोकाल का पालन
मेले के दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन सख्त नजर आया। परिक्रमा उठाने वाले स्थानों नयाघाट बंधा तिराहा, बासुदेव घाट, रामघाट, मौनी बाबा की कुटिया, हलकारक का पुरवा, दर्शननगर, अचारी का सगरा, जनौरा, गद्दौपुर, सहादतगंज, धारा रोड समेत अन्य स्थानों पर तैनात सुरक्षाकर्मी बिना मास्क लगाए लोगों को परिक्रमा करने से रोकते नजर आए। महिलाओं को साड़ी या दुपट्टे को मुंह पर बांधकर परिक्रमा करने की हिदायत दी जाती रही। कई जगहों पर कई लोग विशेषकर नवयुवक बिना मास्क पहनकर परिक्रमा करते दिखे तो पुलिस ने उन्हें कुछ देर रोककर मास्क की व्यवस्था करने के बाद ही परिक्रमा करने दिया। वहीं, मेले में लगी चाय-जलपान के साथ सामाजिक संगठनों द्वारा लगाए गए सहायता व जलपान शिविरों में भी कोविड का सख्ती से पालन कराया गया।
पंचकोसी परिक्रमा बनेगी पुलिस के लिए चुनौती
चौदहकोसी परिक्रमा की अपेक्षा पंचकोसी परिक्रमा में ज्यादातर शहरवासी भाग लझ्ेते हैं। इसमें शहरवासियों की संख्या कई लाख तक होती है। ऐसे में बुधवार की रात से शुरू होने वाली पंचकोसी परिक्रमा में भीड़ को रोकना व कोविड प्रोटोकाल का पालन कराना प्रशासन के लिए चुनौती साबित होगा। हालांकि अधिकारी इसके लिए तैयार नजर आते हैं और सुरक्षा को लेकर हरसंभव प्रयास भी किए जा रहे हैं। पंचकोसी परिक्रमा 25 नवंबर को प्रात: 4:11 से प्रारंभ होकर 26 नवंबर को पूर्वाहन 5:57 बजे संपन्न होगी।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से पंचकोसी परिक्रमा को 3 जोन में बॉटकर 1 सुपर जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में मुख्य राजस्व अधिकारी पीडी गुप्ता को तैनात किया गया है। इसके अलावा 3 जोनल मजिस्ट्रेट, 8 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 23 स्टैटिक मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की तैनाती की गई है। पंचकोसी परिक्रमा हेतु 7 मजिस्ट्रेटों को आरक्षित किया गया है। सीओ अयोध्या राजेश राय का कहना है कि लोग कोविड को लेकर खुद सतर्क हैं, उम्मीद है कि लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए परिक्रमा में भाग लेंगे। ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
कोविड प्रोटोकाल के चलते इस बार परिक्रमा मेले में बाहरी श्रद्धालुओं को भाग नहीं लेने दिया गया, परंपरा को जीवित रखने के लिए इसमें सिर्फ अयोध्यावासियों ने ही भाग लिया। जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात किए थे, पूरे परिक्रमा मार्ग पर पुलिस की निगाह रही। कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराया गया।
- विजयपाल सिंह, एसपी सिटी