अमानीगंज। विकास खंड के किसानों को धान बिक्री के लिए समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कई बार संज्ञान में लाने के बावजूद भी अमानीगंज में एक ही क्रय केंद्र के भरोसे धान की खरीदारी की जा रही हैं। सरकार किसानों की उपज का उचित मूल्य दिलाने का दावा तो कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। एक ओर किसानों को टोकन की मारामारी का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर उपज को क्रय केंद्र तक पहुंचाने के लिए 40 किमी तक की लंबी दूरी भी तय करनी पड़ रही है।
50 किलोमीटर लंबे अमानीगंज विकास खंड में एकमात्र विपणन शाखा का धान क्रय केंद्र सुल्तानपुर की सीमा से सटे कुमारगंज बाजार में खोला गया है, जहां पर अमानीगंज विकास खंड के किसानों का पहुंचना बहुत ही मुश्किल कार्य है, जिस कारण किसानों को अपना धान औने-पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है अमानीगंज विकास खंड के किसी भी साधन सहकारी समितियों द्वारा धान की खरीद नहीं की जा रही है। जिससे किसानों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। विगत दो वर्षों से किसान कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से और क्रय केंद्र चलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
रामनगर के किसान गिरजा प्रसाद शुक्ला कहते हैं कि क्रय केन्द्र ब्लाक क्षेत्र के एक कोने में बनाए जाने से धान की बिक्री करना टेढ़ी खीर हो गया है। कोटिया के द्वारिका प्रसाद ने बताया कि साधन सहकारी समितियों के धान क्रय न करने से स्थिति और भयावह हो गई। घटौली निवासी किसान भवानी फेर मिश्र का कहना है कि जिले के बड़े विकास खंड में शुमार अमानीगंज में एक ही क्रय केंद्र होने दो वर्षों से किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कम से कम चार क्रय केन्द्र खुले तो किसानों का धान सहजता से बिक्री हो सके।
अमानीगंज विकास खंड के डूड़ी में विगत दो वर्ष पूर्व धान क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति द्वारा खोला गया था, जिसे इस बार बंद कर दिया गया है। डूड़ी के प्रधान जितेंद्र सिंह बबलू ने गत वर्ष विधायक गोरखनाथ बाबा को पत्र देकर क्रय केंद्र खुलवाने की मांग की थी। इस पर विधायक ने एडीएम व जिला खाद्य विपणन अधिकारी को क्रय केंद्र खोले जाने का आग्रह दिया था लेकिन, क्रय केंद्र नहीं खुल सका और किसानों को मायूस होना पड़ा। अयोध्या जिले में अमानीगंज अकेला ऐसा विकास खंड है, जहां पर मात्र एक ही क्रय केंद्र बनाया गया है, वह भी विकास खण्ड के एक कोने में, ऐसे में 50 किलोमीटर लंबे विकास खंड में किसानों का क्रय केंद्र तक पहुंचना दुरूह कार्य हो गया है।
सहायक खाद्य विपणन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण अधिक केंद्र नहीं बनाए गए हैं। गांवों का केंद्रों से संबंद्धीकरण किया जा रहा है। समस्या से जनप्रतिनिधियों ने भी अवगत कराया गया है। किसानों की समस्या का समाधान हरहाल में कराया जायेगा।