अयोध्या। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में अहम अयोध्या की विकास योजनाओं को अब गति देने पर सरकार का फोकस है। गुरुवार को मुख्यमंत्री द्वारा विकास कार्यों की समीक्षा के बाद अयोध्या की विकास योजनाएं रफ्तार पकड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने 2017 के दीपोत्सव में 133 करोड़ की विकास योजनाओं की घोषणा की थी। जिनमें से अधिकांश योजनाएं तीन साल बाद भी अधूरी पड़ी हैं। इस बीच राममंदिर का निर्माण कार्य भी शुरू होने जा रहा है, ऐसे में पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने को लेकर नई व पुरानी योजनाओं में ढिलाई पर सरकार सख्त हो गई है।
2017 के दीपोत्सव में रामायण सर्किट की स्वदेश दर्शन योजना में 133 करोड़ रुपये के पर्यटन विकास की योजनाओं का शिलान्यास किया गया था। इसकी डेडलाइन अगला दीपोत्सव था, मगर दो और दीपोत्सव बीत गए और अब तीसरा डेढ़ माह में आने वाला है। इसके बावजूद सिर्फ दो-तीन योजनाएं ही पूरी हो पाई है। तमाम काम बहुत सुस्त गति से चल रहा है।
कहीं जमीन को लेकर पेंच फंस रहा तो कहीं अधिकारी प्लान ही नहीं बना पाए। इसे देखते हुए शासन से आए अफसरों ने अधूरी पड़ी योजनाओं की नई डेडलाइन मार्च 2020 तय की थी, मगर कोरोना महामारी से सभी कार्यों पर एक बार फिर विराम लग गया।
पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राममंदिर के भूमिपूजन की तिथि तय हुई तो अचानक करीब एक माह तक पुन: इन विकास योजनाओं पर तेजी से काम शुरू हुआ। जिसका परिणाम रहा कि राम की पैड़ी का अविरल जल प्रवाह, अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन उसके बाद से फिर विकास योजनाओं पर काम सुस्त हो गया है।
वहीं, अब अयोध्या में राममंदिर का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। ऐसे में सरकार का फोकस अयोध्या की विकास योजनाओं को गति प्रदान करने पर है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास कार्यों की समीक्षा में तेजी से कार्य का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि इसके बाद अयोध्या को पर्यटन के नक्शे पर चमकाने के लिए चल रही विकास योजनाएं अब फर्राटा भरती नजर आएंगी।
अयोध्या बाईपास का सौंदर्यीकरण, रिंग रोड की योजना भी पकड़ेगी गति
राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही देश के अन्य राज्यों से अयोध्या की कनेक्टिविटी को लेकर भी कई योजनाओं पर काम अब तेज होने जा रहा है। विगत वर्ष फरवरी में अयोध्या के दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कुल 3799 करोड़ की पांच बड़ी परियोजनाओं की बटन दबाकर आधारशिला रखी थी।
जिसमें से लखनऊ-अयोध्या बाईपास मार्ग के अयोध्या क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए 55 करोड़ अवमुक्त हो चुके हैं, इस पर शीघ्र ही काम शुरू होने जा रहा है। अयोध्या-वाराणसी मार्ग के अकबरपुर खंड कुल 49 किमी. फोर लेन सड़क निर्माण 1081 करोड़ से होगा। 46 किमी. चार लेन अयोध्या रिंग रोड का निर्माण 1289 करोड़ से होगा, इससे जहां जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं शहर का विस्तार होगा।
262 किमी. लंबे राम वनगमन मार्ग के मोहनगंज से श्रृंगवेरपुर खंड का निर्माण 478 करोड़ से होगा। साथ ही 275 किमी के 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के 91 किमी. बीकापुर-रुदौली-मूर्तिहनघाट तक का निर्माण 896 करोड़ की लागत से होगा। इन सभी योजनाओं पर 6 माह के भीतर काम शुरू होने जा रहा है।