कोर्ट के आदेश से प्रदेश सरकार के समायोजन की प्रक्रिया को भी तगड़ा झटका लगा है। जिले में केवल 73 शिक्षामित्रों का समायोजन नहीं हो पाया है। फैसले के बाद शिक्षामित्र से शिक्षक बने लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
जिले में प्रथम चरण में 797 शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन एक अगस्त 2014 को किया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में 1200 शिक्षामित्रों का समायोजन किया गया था।
इसमें पहले चरण के ज्यादातर शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन कार्य पूरा हो गया था और वेतन भी दिया जा रहा है। कुछ ही लोग शेष रह गए थे।
जिनका अभी सत्यापन नहीं हो पाया है। इनको वेतन अभी नहीं दिया जा सका है। दूसरे चरण में समायोजित किए गए 1200 शिक्षामित्र एक मई से जिले के विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों में पढ़ा रहे हैं।
इनमें भी कुछ के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन हो गया है। उनको वेतन दिया जा रहा है लेकिन हाईकोर्ट ने शिक्षकों के समायोजन का रद्द कर दिया है।
जिले में केवल 73 शिक्षामित्र ऐसे शेष रह गए हैं जिनका समायोजन अब तक नहीं हो पाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्र से शिक्षक बने लोगों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। वह परेशान हैं।