अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में रामलला की एक अचल मूर्ति स्थापित करने की भी योजना है। इसको लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट देश भर के संत-धर्माचार्यों से मंथन करने में जुटा हुआ है।
जानकारी के अनुसार तय हुआ है कि अचल मूर्ति पांच फीट की होगी और मकराना के सफेद संगमरमर से निर्मित की जाएगी। मूर्ति को आकार देने का काम अयोध्या में ही राजस्थान के कारीगर करेंगे।
ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के मुताबिक भगवान के सभी मंदिरों में चल व अचल मूर्ति की व्यवस्था है। चल मूर्ति को मंदिरों में उत्सव मूर्ति के रूप में भी पूजा जाता है।
वर्तमान में विराजमान रामलला की मूर्ति का स्वरूप बहुत ही छोटा है। लोग दूर से भगवान को दर्शन सुलभता से कर सकें इस उद्देश्य से रामलला की एक अचल मूर्ति स्थापित करने की योजना है।
इस पर देश के संत-धर्माचार्यों सहित वास्तुविदों की राय ली जा रही है। मूर्ति पांच फीट की हो सकती है। मकराना के सफेद संगमरमर से मूर्ति निर्मित कराने पर सहमति लगभग बन गई है। राजस्थान के कारीगर अयोध्या में ही अचल मूर्ति को आकार देने का काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने दिसंबर 2023 तक भव्य गर्भगृह का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय कर रखा है। इसके बाद जनवरी में गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भव्य गर्भगृह में भक्तों को रामलला के दर्शन प्राप्त होने लगेंगे।