Ayodhya Anish Khan Encounter: सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में महिला मुख्य आरक्षी के साथ बर्बरता करने वाले मुख्य आरोपी को यूपी एसटीएफ व पुलिस की टीम ने अयोध्या में हुई एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। उसके दो अन्य साथी गोली लगने से घायल हो गए। थाना पूराकलंदर प्रभारी रतन कुमार शर्मा बदमाशों की गोली लगने से घायल हो गए।
एसटीएफ और पुलिस टीम को शुक्रवार तड़के आरोपियों के बारे में सूचना मिली कि सरयू एक्सप्रेस ट्रेन में महिला हेड कांस्टेबल पर हमले के आरोपी इनायतनगर में छिपे हैं। एसटीएफ व अयोध्या पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया। इलाके की घेराबंदी करके सर्च शुरू किया।
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खुद को घिरता हुआ देख तीनों बदमाश अनीश, विशंभर और आजाद ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में विशंभर दुबे और आजाद घायल हो गए। दोनों के पैर में गोली लगी। इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर अनीश वहां से बाइक से भाग निकला।
एसटीएफ ने 30 किमी. दूर पूराकलंदर तक उसका पीछा किया। पारा कैल गांव के पास सड़क को पहले ही पुलिस ने सील कर दिया था। यहां पुलिस ने उसे घेरकर सरेंडर करने के लिए कहा। मगर, अनीश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में गोली अनीश को लगी। घायल अनीश को पुलिस जिला अस्पताल अयोध्या लेकर पहुंची।
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वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में थानाध्यक्ष पूराकलंदर रतन शर्मा भी घायल हुए हैं। उनके हाथ में गोली लगी है। दो अन्य सिपाहियों के भी जख्मी होने की सूचना है। उनको भी अस्पताल में भर्ती किया गया है।
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एसएसपी राजकरन नैयर ने बताया कि अनीश महिला आरक्षी पर हमले का मुख्य आरोपी था। दूसरा आरोपी आजाद भी उसी के गांव हैदरगंज के दशलावन का रहने वाला था। तीसरा आरोपी विशंभर दयाल दुबे सुल्तानपुर का रहने वाला है।
मोबाइल नंबर से जांच टीम को मिला था क्लू
महिला आरक्षी के साथ हुए बर्बरता न सिर्फ पुलिस के लिए बल्कि सरकार के लिए भी चुनौती बन गई थी। पुलिस ने कुछ संदिग्धों की तस्वीरें भी बनवाईं, कुछ स्कैच भी बनाए लेकिन सफलता नहीं मिली।
अंत में सर्विलांस सेल ने केस की तस्वीर पलट कर रख दी। इस दौरान घटना की टाइमिंग के हिसाब से मनकापुर स्टेशन पर तीन मोबाइल नंबर एक साथ स्विच ऑफ होने की जानकारी मिली। यह फोन आरोपियों के थे, जिसके सहारे पुलिस उन तक पहुंच गई।
ट्रेन में चोरी करते थे अनीश, आजाद व विशंभर
जांच टीम में शामिल अधिकारियों के अनुसार अनीश, आजाद व विशंभर पेशेवर चोर हैं। वे चलती ट्रेनों में चोरियां करने के साथ अन्य अपराध एक साथ करते थे। 30 अगस्त की रात सरयू एक्सप्रेस में चोरी के इरादे से चढ़े थे। अयोध्या स्टेशन आने से पहले बोगी करीब खाली हो चुकी थी।
तीनों जिस सीट पर बैठे थे, उसी के सामने महिला आरक्षी भी बैठी हुई थी। उसे देखकर तीनों की नीयत खराब हो चुकी थी। यह देख आरक्षी ने अपनी सीट बदल ली थी लेकिन तीनों उसके पीछे पड़ गए थे। उन्होंने पहले उसके साथ जबरदस्ती करनी चाही लेकिन महिला आरक्षी ने उनका जमकर मुकाबला किया।
बाद में अनीश ने किसी धारदार हथियार से उसके सिर पर हमला कर दिया। फिर भी वो तीनों का मुकाबला करती रहीं। अंत में बुरी तरह घायल होकर वो दोनों सीटों के बीच गिरकर बेहोश हो गईं।
हाईकोर्ट ने लिया था घटना का संज्ञान, तलब की रिपोर्ट
महिला आरक्षी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खुद इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था।हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रीतिकर दिवाकर ने रविवार तीन सितंबर की रात नौ बजे स्पेशल बेंच गठित की और अपने सरकारी आवास पर मामले की सुनवाई की। बेंच ने घटना पर नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा, इसके बाद सोमवार दोपहर फिर सुनवाई हुई।
सोमवार दोपहर चीफ जस्टिस प्रीतिकर दिवाकर और जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की बेंच ने सुनवाई की। बेंच ने राज्य सरकार और रेलवे से जवाब मांगा। कोर्ट ने पूछा-घायल महिला सिपाही केस में अब तक क्या एक्शन हुआ, इसपर एसपी रेलवे ने जानकारी दी। कोर्ट ने ट्रेन में सुरक्षा इंतजाम की जानकारी मांगी। जांच से हाईकोर्ट संतुष्ट नजर आया।
वहीं, पांच अगस्त को प्रदेश सरकार ने घटना की जांच यूपी एसटीएफ का सौंप दी। सात अगस्त को रेलवे ने मामले में पहली कार्रवाई करते हुए अयोध्या कैंट जीआरपी थाना प्रभारी पप्पू यादव को निलंबित कर दिया। उनकी जगह प्रतापगढ़ से आए राजेश राय को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया।