जिला अस्पताल में प्रदर्शन करते मरीज।
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जिला अस्पताल में सोमवार को दिन में साढ़े ग्यारह बजे ही वाह्य रोगी पंजीकरण कक्ष में ताला लगा कर्मी फरार हो गया। कतार में खड़े मरीज गर्मी में बेहाल नजर आए। जब उन्हें हकीकत का एहसास हुआ तो नाराज और परेशान मरीजों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। फिर भी कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। जिला अस्पताल में रविवार के आमतौर पर सोमवार को खासी भीड़ होती है।
मगर 11:30 बजे ही जिला अस्पताल के पर्ची कक्ष में ताला लग गया। जबकि कतार में दर्जनों मरीज खड़े थे। कतार में खड़े हसीनाबाद के दीपक सिंह गौड़, कुचेरा के भजन, असरफपुर की के चंद्रा, रिकाबंगज की सुनीता, बीकापुर के राजन सोनी, सोहावल के प्रकाश आदि का कहना था कि वे लोग कतार में खड़े थे, इसी बीच कमरा बंद कर कर्मी चला गया।
बीकापुर के राजन सोनी का कहना था कि घर से दस बजे निकले और अस्पताल पहुंचने पर पर्ची नहीं बनीं। दर्द व रोग से आहत दो दर्जन से अधिक मरीज जिला अस्पताल के वाह्यरोगी पंजीयन कक्ष के बाहर खड़े रहे पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।