फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र में संतों की हत्या को लेकर रामनगरी में उबाल

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। महाराष्ट्र के पालघर में हुई जूना अखाड़े के संत व उनके चालक की हत्या प्रकरण की गूंज रामनगरी तक पहुंच गयी है। इस घटना को लेकर रामनगरी के संतों सहित विहिप ने आक्रोश व्यक्त किया है। संतों ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी देते हुए दोषियों के साथ भीड़ में शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ साजिश व हत्या का मामला दर्ज कर फांसी देने की मांग उठाई है। संतों ने चेतावनी दिया है कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संत आंदोलन को बाध्य होंगे।
विज्ञापन

रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह दुखद घटना है। केंद्र सरकार को इस घटना का संज्ञान लेना चाहिए और जिन लोगों ने हत्या की है उनको फांसी की सजा मिलनी चाहिए। यदि उन्हें सजा नहीं दी जाती है तो आगे भी हत्याएं संतों की होती रहेंगी। पुलिस संतों की सुरक्षा देने के बजाए तमाशा देखती रही, महाराष्ट्र पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में हैं।
संत समिति अयोध्या के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास रामायणी ने कहा कि यह महाराष्ट्र सरकार के लिए कलंकित अध्याय है। अयोध्या के संतों की मांग है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे उन दोषियों को फांसी दें इससे कम की सजा नहीं होनी चाहिए। इस प्रकार की घटना दोबारा न दोहराई जाए इस पर भी ध्यान दें। कहा कि इस घटना में पुलिसकर्मी भी दोषी हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन

हनुमान गढ़ी के पुजारी राजूदास ने जूना अखाड़े के संतों की हत्या के विरोध में हनुमानगढ़ी स्थित अपने आश्रम पर सुबह 11 बजे से 5 बजे तक अनशन किया। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों को मृत्युदंड देने की मांग उठाई। कहा कि जो लोग इस अमानवीय कृत्य में शामिल हुए हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा जाना चाहिए। कहा कि महाराष्ट्र सरकार पर इस घटना ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। राजू दास के धरने पर बैठने की सूचना पर रामजन्मभूमि थाना पुलिस भी हनुमानगढ़ी पहुंची। राजूदास ने गृहमंत्री भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें