अयोध्या में मंगलवार को हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन से पहले प्रसाद की दुकान पर लगी पैरामिलेट्री जवानों की भीड़।
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जिले में सोमवार को सकुशल मतदान निपटाने के बाद चुनाव ड्यूटी में आए पैरामिलेट्री जवानों का रेला रामनगरी में उमड़ा। पैरामिलेट्री के जवानों ने प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी, कनक भवन व विवादित परिसर में विराजमान रामलला के दरबार में मत्था टेका। सुरक्षा बलों के साथ आम श्रद्धालुओं की भीड़ से नगर में मेले जैसा माहौल रहा।
धर्मनगरी में मंगलवार दिन के कारण आम दिनों से कुछ ज्यादा भीड़ मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए रहती है। सोमवार को जिले में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान था। जिले में चुनाव ड्यूटी सकुशल निपटाने के बाद गैर जिलों से आए सैंकड़ों की संख्या में पैरामिलेट्री के जवानों की भीड़ मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जुटी।
सरयू तट से मठ-मंदिरों तक जवानों की भीड़ प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए देर शाम तक कतारबद्ध रही। दर्शन-पूजन के बाद जवानों ने बाजारों में पूजा सामानों के साथ अन्य दुकानों पर पहुंच जमकर खरीदारी भी की।
पहली बार निर्बाध रहा रामलला का दर्शन : विवादित परिसर में विराजमान रामलला की दर्शन व्यवस्था में मंगलवार को परिसर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए पहली बार नई व्यवस्था से दर्शन कराया। दो पालियों में होने वाली दर्शन व्यवस्था सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक निर्बाध चलती रही।
इस दौरान रामलला के रागभोग आरती के लिए गर्भगृह का पट आधे घंटे बंद हुआ लेकिन दर्शन जारी रहा। जबकि रामनगरी के चैत्र रामनवमी, सावन झूला व कार्तिक पूर्णिमा व परिक्रमा मेलों में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है लेकिन राग-भोग आरती के दौरान दर्शन रोक दिया जाता है।
विवादित परिसर प्रशासन की मानें तो दर्शन व्यवस्था में यह परिवर्तन 25 फरवरी को पैरामिलेट्री जवानों के हंगामे के बाद ऐहतियातन की गई थी। बता दें कि चुनाव ड्यूटी में जा रहे पैरामिलेट्री के जवानों ने बीते शनिवार को विवादित परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन को लेकर जमकर हंगामा किया था।