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सरयू लाल निशान के पार

Fri, 21 Jun 2013 05:30 AM IST
Faizabad
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अयोध्या। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश व नेपाल से छोड़े गए पानी से उफनाई सरयू गुरुवार को खतरे के निशान को पार कर गई। तेजी से बढ़ रहे नदी के जलस्तर से बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर कछारीय इलाकों में हलचल शुरू हो गई है। शहर क्षेत्र में भी जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी का असर कटान के रूप में दिखने लगा है। सदर तहसील के पूरा व मया क्षेत्र में पानी घुसने से तटीय इलाकों के लोग उपरहार के क्षेत्रों में पलायन की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला प्रशासन स्तर पर बाढ़ के खतरे के मद्देनजर सक्रियता बढ़ा दी है। बाढ़ चौकियों के साथ अयोध्या-बिल्वहरिघाट व चिर्रा खजुरी बांध पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश व नेपाल से छोड़े गए पानी ने जून माह में ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। माह भर पूर्व नदी उफनाई तो गुरुवार को सुबह दस बजे खतरे के निशान 92.730 मीटर को पार कर गई है। हालांकि नदी के बुधवार को जलस्तर में 15 से 20 सेमी की गति से बढ़ रहे जलस्तर की रफ्तार मध्य रात्रि से 10 से 15 सेंटीमीटर की हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के कुशल कार्यालय सहायक ब्रह्मा प्रसाद ने बताया कि 10 बजे जलस्तर 92.730 मीटर पर था। 11 बजे उसे पार कर 92.750 मीटर पर पहुंच गया। शाम पांच बजे 92.850 मीटर रहा। शुक्रवार को जलस्तर 92.950 मीटर तक पहुंचने की आशंका है। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी का असर शहर के गुप्तारघाट के तटीय इलाकों पर भी पड़ने लगा है। कछार की फसलें जहां डूब गई है, वहीं कटान का खतरा भी बढ़ने लगा है। सरयू के जलस्तर में तेज से हो रही बढ़ोतरी से सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मड़ना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा जैसे गांवों के मुहाने पर नदी का पानी पहुंचने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जिला प्रशासन भी बाढ़ के खतरे से सक्रिय हो गया है। अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ाने के साथ तटीय इलाकों में राजस्व कर्मियों को कैंप करने के साथ बाढ़ चौकियों की स्थापना की कवायद तेज कर दी गई है।
डीएम ने जारी किए सतर्कता के निर्देश
जिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी ने गुुरुवार को जिले के रुदौली, सदर व सोहावल क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बाढ़ से निपटने की योजना की समीक्षा की। आपदा से निपटने के लिए एसडीएम को नाव, गोताखोर व राजस्व कमियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को सतर्कता के निर्देश जारी किया हैं। कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों को तत्काल राहत सामग्री, दवाएं और पशुओं को चारा तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। बाढ़ पीड़ितों को राहत कैंपो में लाए जाने और कैंप बनाए जाने वाले स्थलों पर साफ, सफाई, शुद्ध पेयजल व दवाओं के छिड़काव आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। बैठक में सीडीओ, मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम सदर, रुदौली, सोहावल समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
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