थोक पॉलिथीन बाजार बंद, दुकानदारों को नोटिस
फैजाबाद। सरकार के 50 माइक्रॉन से पतली पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाए जाने का असर सोमवार को बाजार में दिखने लगा। नगर निगम की ओर से पॉलिथीन की थोक दुकानों को चिह्नित कर नोटिस दिए जाने से हलचल रही। पॉलीथिन का 20 लाख का थोक कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया। शहर की रिफ्यूजी मार्केट में स्थित पॉलिथीन की थोक की कई बड़ी दुकानों पर ताले लटके रहे। कुछ दुकानों ने पॉलिथीन के नए विकल्प डिस्पोजल बैग से अपनी दुकानें भर ली हैं। हालांकि इसको लेकर ग्राहक और दुकानदारों में असहज स्थिति बनी हुई है।
कारोबार बंद होने से मार्केट के दुकानदारों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई। जिन दुकानदारों के पास पहले से बड़ी संख्या में माल डम्प था, वह उनकी पूंजी डूबने का खतरा मंडरा रहा है।
शहर की मुख्य पॉलिथीन मंडी ने डिस्पोजल बैग ने विकल्प का स्थान जरूर ले लिया है लेकिन यह पॉलिथीन की अपेक्षा काफी मंहगा पड़ रहा है। आमतौर पर 60 से 70 किलो पर बिकने वाली पॉलिथीन के स्थान पर डिस्पोजल बैग से 140 से 170 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। संख्या की दृष्टि से भी डिस्पोजल बैग पॉलिथीन की एक किलो की तुलना में कम आती हैं। एक बैग की कीमत 2 रुपये से 5 रुपये तक पड़ रही है। इसके साथ ही यह कम टिकाऊ भी हैं।
धंधा न बदला तो लगा लिया ताला
शहर के प्रमुख पॉलिथीन बाजार रिफ्यूजी मार्केट का दृश्य बिल्कुल बदला बदला सा था। जहां रविवार तक पॉलिथीन खरीद को भीड़ थी और सेहत को बर्बाद करने वाली पॉलिथीन की थैलियों की बिक्री प्रतिदिन 20 लाख थी, वहां दुकानों के शटर गिरे मिले। दुकानदारों ने बताया है कि पॉलिथीन को प्रतिबंधित किए जाने के बाद कोई और विकल्प नहीं बचा है। कुछ दुकानदारों ने पॉलिथीन हटाकर घरों में डम्प कर दिया है। इनका कहना है कि जब कभी फिर से प्रतिबंध हटेगा तो बेचा जाएगा नहीं तो समझिए कि पूंजी डूब गई। कारोबारी कहते हैं कि सरकार को प्रतिबंधित करने से पहले छोटे व्यवसायियों को कुछ मोहलत देनी चाहिए थी।
मंगाए डिस्पोजल बैग
पॉलिथीन बाजार के रिफ्यूजी मार्केट में ही डिस्पोजल बैग बिकते देखे गए। इन दुकानदारों ने सरकार के आदेशों के अनुरूप पॉलिथीन को हटा कर तुरंत डिस्पोजल बैग से अपनी दुकानें भर ली है। व्यापारी अरशद कहते हैं कि अभी इसके ग्राहक काफी कम आ रहे हैं। यह पॉलिथीन की अपेक्षा काफी मंहगी और कम टिकाऊ भी है। अगर कोई सब्जी या गीली वस्तु खरीदनी हो तो इसमें ली ही नहीं जा सकती। यह ग्राहकों के साथ दुकानदारों के लिए समस्या सबब बने हुए हैं।
थैले के पैसे मांगने पर ग्राहक कर रहे झंझट
चौक स्थित एक किराना व्यवसायी की दुकान से कई लोग डिस्पोजल बैग को लेकर दुकानदार से किच-किच करते दिखाई दिए। दुकानदार मंजय बताते हैं कि सुबह एक ग्राहक से काफी झंझट हुई। उनका होलसेल का कारोबार है। एक से दो रुपये प्रति किलो पर फायदा होता है। वह बताते हैं कि डिस्पोजल बैग दो से पांच रुपये होने के कारण ग्राहक थैले की धनराशि मांगने पर ग्राहक झंझट कर रहे है। अगर थैले का पैसा न मांगें तो व्यापार में नुकसान हो रहा है।
घर से झोला लेकर निकलें तो माल मिलेगा सस्ता
पॉलिथीन पर प्रतिबंध व डिस्पोजल बैग के मंहगे व टिकाऊ न होने के कारण शहरवासियों के पास सिर्फ झोला लेकर निकलने का विकल्प बचा हुआ है। शहरवासी अगर झोला लेकर निकलें तो खरीदारी के समय इनके प्रति सामान में दो से पांच रुपये बचा सकते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने के बचाव के साथ फिजूलखर्ची पर भी रोक लग सकेगी।
निर्धारित टीमें अब फील्ड में निरीक्षण करने निकलने लगी हैं। सरकार की ओर से सोमवार को जुर्माने का निर्धारण भी कर दिया गया है। मंगलवार से छापेमारी अभियान के साथ प्रतिबंधित पॉलिथीन बेचने वालों पर कार्रवाई और जुर्माना होगा।- रविशंकर गुप्ता, नगर आयुक्त, अयोध्या नगर निगम