पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में मौसम खराब होने के बावजूद वोटरों में मतदान को लेकर खासा उत्साह रहा। बीकापुर और तारुन के मतदाता प्रथम श्रेणी में रहे। यहां 61 फीसदी वोटिंग हुई।
छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो मतदान औसतन शांतिपूर्ण रहा। शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस को कई स्थानों पर डंडा फटकारना पड़ा। कई जगह मतदान को लेकर अव्यवस्था भी दिखाई पड़ी।
तारुन के जाना बाजार में दो पक्षों के बीच शाम को मारपीट की खबर रही। बूथों पर पुलिस की तैनाती के बीच वोट डालने के लिए मतदाताओं की लंबी कतार रही।
जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत की सरकार के लिए बीकापुर और तारुन के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गुरुवार को दोनों ब्लाकों में डीडीसी की सात और बीडीसी की 191 सीटों के लिए मतदान कराया गया।
मतदान के दौरान छिटपुट घटनाएं भी हुईं। तारुन के जाना बाजार बूथ पर दो पक्षों में वोट के विवाद में मारपीट हो गई। इसमें एक व्यक्ति के चुटहिल होने की खबर है।
कुछ बूथों पर वोट को लेकर माहौल गरम रहा। हालांकि इन पर बवाल होने से बच गया। यह संवेदनशील होने के कारण प्रशासन की फेहरिश्त में शामिल रहा।
बीकापुर में मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। तारुन प्रथम से चुनाव लड़ रही मिथिलेश के प्रतिनिधि सियाराम को वाहन पर पोस्टर लगाकर चलने पर पुलिस ने रोक लिया।
कुछ देर बाद इसे हटवाकर उन्हें जाने दिया गया। वोटिंग के दौरान शिकायत पर तारुन से बीडीसी प्रत्याशी केके सिंह को भी पुलिस ने कुछ देर के लिए रोके रखा।
दो सौ मीटर की परिधि में सक्रियता को लेकर बेलगरा, सहसी, तारुन में पुलिस ने डंडा फटकारा। कई खुली दुकानों को बंद कराया।
चतुर्थ चरण में ब्लॉक बीकापुर और तारुन में औसत 61 फीसदी मतदान हुआ। बीकापुर में 61 फीसदी तो तारुन में 61.61 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान को लेकर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों के वाहन दौड़ते रहे। डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी मोहित गुप्ता ने दौरे के बाद बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा।