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पारा और चढ़ा, आग उगल रहे सूरज से सब बेहाल

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पारा और चढ़ा, गर्मी से सब बेहाल
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अयोध्या। आग उगल रहे सूर्यदेव के ताप शुक्रवार को और तल्ख हो गया। अधिकतम तापमान एक डिग्री उछाल के साथ 41.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

इससे आम जनमानस के साथ ही पशु-पक्षी भी गर्मी से बेहाल हो गए। गर्म हवा के थपेड़ों से लोग दिन भी परेशान रहे। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।मौसम विभाग ने गर्मी में राहत न मिलने के साथ ही आंधी चलने के संकेत दिए हैं।
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सूरज की तपिश शुक्रवार को और बढ़ गई। उमस भरी गर्मी से जनजीवन बेहाल रहा। हर कोई हाथ में रुमाल लिए दिन भर पसीना ही पोंछता नजर आया। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि अगले चौबीस घंटे में कुछ इलाके में धूल भरी आंधी आ सकती है। साथ ही गर्मी से निजात मिलने के आसार नहीं हैं।

आसमान से बरस रही आग से बच्चों को बचाने के लिए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने परिषदीय विद्यालयों के समय में बदलाव के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई।

जिलाध्यक्ष नीलमणि त्रिपाठी, जिलामंत्री अजीत सिंह ने अत्यधिक गर्मी और कड़ी धूप का हवाला देते हुए कहा कि इस कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने की संभावना है।

शिक्षकों ने नौनिहालों को चटख धूप, गर्मी से बचाने के लिए स्कूलों का समय सुबह सात बजे से पूर्वाह्न 11 बजे करने की मांग की है। जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरबी वर्मा ने बताया कि गर्मी से बचने के लिए पूरा शरीर कवर करने वाला वस्त्र पहनकर बाहर निकलें।

साथ ही हल्के कलर का काटन वस्त्र का उपयोग करें। ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें एवं भोजन में भी तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. नानक सरन ने बताया कि गर्मी से लोगों के शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है।

लोग डिहाइड्रेशन के शिकार हो जाते हैं। मेहनत करने वाले लोग कभी-कभी बेहोश हो जाते हैं। कभी-कभी खून इतना गाढ़ा हो जाता है कि शरीर का रक्त संचार प्रभावित हो जाता है और इस कारण लकवा भी अटैक कर जाता है।
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जिन्हें धूप में घर से निकलने की विवशता है, उन्हें छाता लेकर व पानी से भीगा हुआ गमछा शरीर पर डालकर निकलना चाहिए। नमक-पानी, ओआरएस का घोल, नारियल का पानी आदि लेते रहना चाहिए। दोपहर में मोटरसाइकिल का उपयोग कम करना चाहिए।
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